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पुणे में संजय दत्त के ‘Ballr’ नाइटक्लब पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। ‘फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड’ (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की है कि क्लब में बिना इजाजत के कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा था। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए नाइटक्लब को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन से साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया है। यह मामला तब सामने आया जब PPL के एक प्रतिनिधि ने ‘Ballr’ में कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए।

PPL इंडिया, जो कॉपीराइट वाले साउंड रिकॉर्डिंग के लिए लाइसेंसिंग का काम देखती है, उसने बॉम्बे हाई कोर्ट में ‘Ballr’ के खिलाफ मामला दर्ज कराया। ‘Ballr’ पुणे का एक लग्जरी नाइटक्लब है, जिसके मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं। PPL के मुताबिक, 24 जून को उनके एक प्रतिनिधि ने नाइटक्लब का दौरा किया और पाया कि वहां उनके कलेक्शन के कई गाने सार्वजनिक रूप से बजाए जा रहे थे। इस मामले में जिन गानों का जिक्र है, उनमें ‘बदतमीज़ दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं।

बार के गानों की लिस्ट में हॉलीवुड सॉन्ग भी

लिस्ट में जस्टिन बीबर का ‘व्हाट डू यू मीन’ और दुआ लिपा का ‘लेविटेटिंग’ जैसे इंटरनेशनल गाने भी शामिल थे। PPL का दावा है कि इन साउंड रिकॉर्डिंग के कॉपीराइट उसी संस्था के पास हैं। 7 अगस्त के अपने आदेश में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों को जरूरी नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन से साउंड रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक रूप से बजाने या इस्तेमाल करने से रोक दिया।

कोर्ट ने सुनवाई में क्या कहा

सुनवाई के दौरान, कोर्ट को बताया गया कि Ballr ने पहले PPL India से उनके कलेक्शन का म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए कॉपीराइट लाइसेंस लिया था। लेकिन वह लाइसेंस एक्सपायर हो गया था और उसे रिन्यू नहीं किया गया था। इस बात पर ध्यान देते हुए, कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत दी और निर्देश दिया कि बिना जरूरी इजाज़त के उस जगह पर कॉपीराइट वाली रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल न किया जाए। PPL का कहना है कि जो कमर्शियल संस्थान मनोरंजन के लिए कॉपीराइट वाला म्यूजिक बजाते हैं, उन्हें जरूरी लाइसेंस लेना होगा। संस्था उन जगहों पर भी नजर रख रही है जहां बिना इजाजत के उनकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल हो सकता है।

कॉपीराइट वाले म्यूजिक के हो सकते हैं गंभीर नरीजे

इस आदेश के बाद, PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था उन मामलों की पहचान करना जारी रखेगी जहां कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल बिना जरूरी मंजूरी के किया जा रहा है। वासन ने कहा, ‘बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिया गया अंतरिम आदेश यह साफ मैसेज देता है कि कॉपीराइट वाले संगीत का बिना मंजूरी के लगातार इस्तेमाल करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं।’

Ballr को गानों के इस्तेमाल से रोका गया

कोर्ट का यह आदेश मामले में एक अंतरिम कदम है। यह विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर कोई अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल, Ballr को जरूरी लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन से रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। PPL के इस कदम से संगीत लाइसेंस पर भी फिर से ध्यान गया है। कमर्शियल जगहों को अपने मेहमानों के लिए कॉपीराइट वाले गाने बजाने पर जरूरी मंजूरी लेनी होती है।