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नवीन निश्चल, नई दिल्ली: ‘नशे के खिलाफ अभियान, देश को सलाम’ अभियान के तहत जब गांजा, स्मैक, हेरोइन जैसे ड्रग्स पर दिल्ली पुलिस का एक्शन शुरू हुआ तो नशा बेचने वालों और नशे का सेवन करने वालों ने दूसरा रास्ता भी अख्तियार किया है। इसका एक विकल्प मार्केट में है प्रतिबंधित ई सिगरेट, जिसका प्रचलन चोरी छुपे युवाओं में काफी बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस को इसकी भनक लगी तो पता लगाना शुरू किया। जांच पता चला कि ये ई सिगरेट थाईलैंड, कंबोडिया और चीन से भारत में मंगवाए जा रहे हैं। इसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह प्रतिबंधित ई सिगरेट ही है जिसमें निकोटिन की ज्यादा मात्रा डाली जा रही है।

एक ई सिगरेट की शुरुआती कीमत 2000 से लेकर 15000 तक होती है, जिसमें कम से कम 600 और ज्यादा से ज्यादा 20 हजार तक कश (पफ) होते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के अनुसार 100 मिलियन लोग पूरी दुनिया में इसका इस्तेमाल करते हैं। इनमें से 86 मिलियन लोग एडल्ट हैं, बाकी 14 मिलियन नाबालिग हैं। इसे भारत में 18 सितंबर 2019 में ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। ऐसा इसलिए कि इसमें काफी निकोटिन होती है जो ब्रेन और लंग्स को नुकसान पहुंचाता है। यह बच्चों और यंगस्टरों में एडिक्शन का कारण बनता है। पुलिस से बचने के लिए अब इसकी बिक्री ऑनलाइन भी की जा रही है।

स्पेशल स्टाफ की टीम ने आरोपी से 106 ई सिगरेट भी बरामद किए

टीम ने 3 लाख रुपये का माल किया जब्त

द्वारका जिला पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने पता लगाना शुरू किया। इस कड़ी में छानबीन के बाद द्वारका जिला के स्पेशल स्टाफ ने 106 ई सिगरेट बरामद किए जो अलग-अलग ब्रांड के हैं। डीसीपी द्वारका कुशल पाल सिंह के अनुसार इसे बेचने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया जिसकी पहचान लालचंद के रूप में हुई है। इसकी जानकारी स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज इंस्पेक्टर कमलेश कुमार की टीम को मिली और फिर द्वारका इलाके में सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, तोपेश, ASI विजय सिंह इत्यादि की टीम ने सेक्टर 12 से जो ई सिगरेट बरामद किए उसकी कीमत 3 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।