तेल अवीव: दुबई से इजरायल जा रही जिस फ्लाइट को बुधवार को क्रैश करने की कोशिश की गई, उसे बचाने में एक अहम नाम कैप्टन स्मित मच्छार का है। स्मित मच्छार इस फ्लाइट को उड़ा रहे थे तभी उन पर साथी पायलट ने हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश की। ऐसे में फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 सिर्फ 40 सेकंड में 14,000 फीट नीचे गिरी। इस दौरान भारतीय पायलट मच्छार का बोइंग 737 विमान उड़ाने का कई साल (9,750 घंटे) का अनुभव काम आया। संकट के दौरान उन्होंने अपनी एक दशक की फ्लाइट ट्रेनिंग का सहारा लिया और आखिरकार 180 यात्रियों को बचाया।
प्रतिबंधित फ्लाइट डेक के अंदर हुई हिंसक झड़प में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार के अनुभव ने क्रू को विमान का ऊंचाई पर फिर से कंट्रोल पाने और सऊदी अरब के तबुक की ओर इमरजेंसी डायवर्जन करने में मदद की। कमर्शियल एविएशन में इमरजेंसी के समय की जाने वाली कार्रवाई उड़ान के दौरान बनी प्रक्रियाओं की जानकारी पर बहुत निर्भर है।
मच्छार का अनुभव
कैप्टन मच्छार को बोइंग 737 वैरिएंट के विमानों पर 9,750 घंटे की उड़ान का अनुभव शामिल है। इसमें क्लासिक 737-800 के साथ-साथ आधुनिक 737 MAX 8 और MAX 9 मॉडल शामिल हैं। एक ही फैमिली की कई पीढ़ियों के विमान उड़ाने से कमांडरों को फ्लाइट डायनामिक्स, कंट्रोल कॉलम फीडबैक और इलेक्ट्रॉनिक फ्लाई-बाय वायर ओवरराइड सिस्टम की सहज समझ हो जाती है।
फ्लाईदुबई का विमान जब बुधवार को अपनी 34,000 फीट की क्रूजिग ऊंचाई से अचानक तेजी से नीचे गिरने लगा तो इसी गहरी समझ ने मच्छार को फ्लाइट कंट्रोल के रिस्पॉन्स का आकलन करने और गंभीर शारीरिक परेशानी के बावजूद एयरस्पीड को स्थिर करने में मदद की। कोई नया पायलट शायद इस मुश्किल हालात में विमान को कंट्रोल करने मे कामयाब ना हो पाता।
मच्छार के पायलट-इन-कमांड घंटे
अपने कुल उड़ान समय में से मच्छार ने पायलट-इन-कमांड (PIC) के तौर पर 6,400 घंटे पूरे किए हैं। ये बेहद खास है क्योंकि विमान की सुरक्षा, क्रू के बीच तालमेल और उड़ान के दौरान किसी खराबी की स्थिति में इमरजेंसी कार्रवाई करने की आखिरी जिम्मेदारी PIC की होती है। ऐसे में इस मौके पर उनका PIC का तजुर्बा काम आया।
सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग
जॉर्डन के एयरस्पेस में हुई जद्दोजहद के दौरान चाकू लगने के बावजूद मच्छार ने केबिन क्रू के साथ मिलकर फ्लाइट डेक को सुरक्षित किया और विमान को स्थिर किया। फ्लाइट क्रू ने बोइंग 737 मैक्स को सऊदी एयरस्पेस में नीचे उतारने (डिसेंट) का काम संभाला तो कम्युनिकेशन बहाल हो गया। हवाई जहाज तबुक रीजनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा, जिससे सभी 180 यात्रियों और क्रू सदस्यों की जान बच गई।



