बदायूं: यूपी के बदायूं में एक सड़क हादसे के बाद फैली अफवाह ने सरकारी डॉक्टर को भीड़ ने घेर लिया। सीएचसी उसावां के प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) डॉ. राहुल सिद्धार्थ पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने मारपीट की। उनकी स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ कर पलटने का प्रयास किया। वहीं, मेडिकल रिपोर्ट सामने आते ही पूरा मामला पलट गया।
पुलिस की मेडिकल जांच में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। अब पुलिस ने जानलेवा हमला, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप में मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
दरअसल बीते मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे अलापुर थाना क्षेत्र के बीचपुरी गांव के पास डॉ. राहुल सिद्धार्थ की स्कॉर्पियो की एक घूमंतू गाय से टक्कर हो गई। हादसे में गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। घायल गाय का उपचार शुरू कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में गाय का अंतिम संस्कार कराया गया।
हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। डॉक्टर पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाया गया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया, उनके साथ मारपीट की और स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने डॉ. राहुल सिद्धार्थ का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के अनुसार, एल्कोहल जांच में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद डॉक्टर पर लगाए गए आरोप गलत साबित हुए। इसके बाद पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की भूमिका भी जांच में
अलापुर पुलिस ने शेखर, धर्मेंद्र उर्फ नेत्रपाल, धर्मेंद्र और धर्मपाल निवासी बीचपुरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई होगी।
SSP अंकिता शर्मा ने बताया कि गाय से टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक के साथ जान से मारने की नीयत से मारपीट किए जाने के मामले में थाना अलापुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जारी है।



