नई दिल्ली: पाकिस्तान दुनिया भर में भीख मांगने वाले देश के रूप में बदनाम हो चुका है। उसकी पूरी अर्थव्यवस्था भीख के कटोरे पर ही टिकी हुई है। आम पाकिस्तानियों की भी हालात मुल्क की आर्थिक स्थिति की तरह हो चुकी है और उन्हें इसकी वजह से अब मुस्लिम देश भी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। वे जहां भी जा रहे हैं, भीख मांगने की वजह से उन्हें दुत्कार मिल रही है। इसी कड़ी में सऊदी अरब , संयुक्त अरब अमीरात ( UAE ) और अजरबैजान ने बड़ा ऐक्शन लेते हुए हजारों पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगने के आरोपों में अपने देशों से निर्वासित कर दिया है।
पाकिस्तानियों के खिलाफ कार्रवाई
सऊदी अरब, यूएई और अजरबैजान तीनों ही मुस्लिम देश हैं। लेकिन,ET की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल इन तीनों ही देशों ने हजारों पाकिस्तानी नागरिकों को भीख मांगने के आरोप में अपने देश से बाहर कर दिया है। दरअसल, इस साल कई ऐसे पाकिस्तानी भी मिले हैं, जो टूरिस्ट वीजा पर दक्षिण-एशियाई देशों की यात्रा के लिए गए थे, लेकिन वहीं रहकर भीख मांगने लगे और पाकिस्तान लौटने का नाम नहीं ले रहे थे। इस वजह से इन देशों को इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी पड़ रही है।
51,000 पाकिस्तानी भिखमंगे निर्वासित
पाकिस्तान के फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी के डायरेक्टर जनरल रिफ्फत मुख्तार रजा ने नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी ऑन ओवरसीज पाकिस्तानीज एंड ह्यूमैन राइट्स को बताया है कि ‘कम से कम 51,000 पाकिस्तानियों को अकेले इस साल विभिन्न एयरपोर्ट पर उतारा गया है।’
मुस्लिम देशों में पाकिस्तान की फजीहत
पाकिस्तान के लिए यह बहुत बड़ा झटका है। क्योंकि वह जिस तरह से ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) में अपनी पहचान स्थापित करने की कोशिशों में जुटा है और उसे इन आरोपों में भारी फजीहत शुरू हो गई है। इससे पहले ही यूएई, ओमान और कतर ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा प्रतिबंधित कर दिए थे। पहले की रिपोर्ट में यह बताया जा चुका है कि इन देशों ने पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर पाया है कि वे अपराध, चरमपंथी घटनाओं और ड्रग ट्रैफिंग में शामिल थे।
सऊदी अरब से सबसे ज्यादा निकाले गए
ऐसे में जब पाकिस्तान सऊदी अरब से अपने ताल्लुकात बेहतर करने की कोशिशों में जुटा है, अकेले इस साल वहां से 24,000 पाकिस्तानियों को सिर्फ भीख मांगने की वजह से निकाल दिया गया है। यह किसी भी देश से भीख मांगने के आरोप में बाहर किए जाने वाले पाकिस्तानियों की सबसे ज्यादा तादाद है। इन्हीं आरोपों में यूएई ने 6,000 पाकिस्तानियों को भगाया है तो अजरबैजान से पाकिस्तानी मूल के 2,500 भिखमंगों को निकाला गया है। हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अजरबैजान को बहलाने-फुसलाने की बड़ी कोशिश की है, ऐसे में उसका यह कदम महत्वपूर्ण हो गया है।



