नई दिल्ली: जब से E20 पेट्रोल आया है, सरकार की ब्लेंडिंग फ्यूल नीति पर संकट के बादल दिखाई दे रहे हैं। ब्लेंडिंग फ्यूल के लिए भारत ने तेजी से इथेनॉल का उत्पादन किया। लेकिन अब इंडस्ट्री के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। यह नई चुनौती इथेनॉल के अतिरिक्त उत्पादन को खपाने के लिए नए घरेलू और विदेशी बाजार तलाशना है। वहीं E20 कार्यक्रम के आगे विस्तार पर फिलहाल अनिश्चितता है। ऐसे में डीजल में बायोफ्यूल ब्लेंडिंग, नए औद्योगिक इस्तेमाल और सीमित निर्यात बाजार इथेनॉल कंपनियों के लिए अहम विकल्प बन सकते हैं।
देश में करीब 7 अरब यानी 700 करोड़ लीटर इथेनॉल के लिए फिलहाल पर्याप्त बाजार नहीं है। सरकार की पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने की नीति के चलते पिछले कुछ वर्षों में उत्पादन क्षमता में तेज इजाफा हुआ, लेकिन घरेलू मांग उस रफ्तार से नहीं बढ़ सकी। इसका सीधा असर डिस्टिलरीज की क्षमता के इस्तेमाल पर पड़ा है।
E25 और E30 पर फिलहाल ब्रेक
इथेनॉल की अतिरिक्त उपलब्धता के बीच सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को E25 या E30 तक अनिवार्य करने की दिशा में फिलहाल कोई कदम नहीं बढ़ाया है। E20 को लेकर वाहन मालिकों की चिंताओं और विरोध के बीच मौजूदा रोडमैप 31 अक्टूबर 2026 तक E20 पर ही सीमित है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में भी कहा है कि E20 कार्यक्रम के दीर्घकालिक प्रभाव की तस्वीर साल 2027 तक ज्यादा स्पष्ट होगी।
अलग-अलग कीमत का सुझाव
इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सभी वाहनों के लिए एक ही इथेनॉल ब्लेंडिंग स्तर लागू करने के बजाय अलग-अलग ब्लेंड वाले पेट्रोल की कीमतों में अंतर किया जा सकता है।
डीजल में इथेनॉल के विकल्प पर नजर
इथेनॉल के लिए नए बाजार की तलाश के बीच सरकार और इंडस्ट्री अब डीजल में बायोफ्यूल ब्लेंडिंग की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं। प्राज इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष गायकवाड़ के मुताबिक कंपनी की बायो-आइसोब्यूटेनॉल (Bio-IBA) तकनीक कमर्शियल इस्तेमाल और बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए तैयार है। कंपनी को FY27 की मौजूदा तिमाही में पहला ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
उनके मुताबिक डीजल की मांग पेट्रोल से काफी ज्यादा है, इसलिए डीजल में Bio-IBA की ब्लेंडिंग भारत के बायोफ्यूल सेक्टर के लिए नया बाजार खोल सकती है। उन्होंने कहा कि डीजल में सिर्फ 2% Bio-IBA ब्लेंडिंग अनिवार्य होने पर 3000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट अवसर पैदा हो सकते हैं।



