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नई दिल्ली: दिवालिया हो चुकी NMC हेल्थकेयर के फाउंडर और यूएई के बिजनसमैन बीआर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर 15 अरब डॉलर का मुकदमा दायर किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि देश के दूसरे बड़े सरकारी बैंक के कई मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने एक ऐसे फ्रॉड में मदद की, जिसके कारण मिडिल ईस्ट का उनका हेल्थकेयर ग्रुप डूब गया। यह कंपनी कभी गल्फ की सबसे बड़ी प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर थी।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक शेट्टी ने आरोप लगाया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के कई मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों ने उनके बिजनेस ग्रुप के अधिकारियों के साथ मिलकर पैसों की हेराफेरी की। इसकी वजह से उन पर ऐसी गारंटियों का बोझ आ गया, जिन पर उन्होंने कभी साइन ही नहीं किए थे। बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर इस मुकदमे में बैंक से 15 अरब डॉलर की मांग की गई है। शेट्टी ने आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों ने राउंड-ट्रिपिंग ट्रांजैक्शन में मदद की, मनी लॉन्ड्रिंग-रोधी चेतावनियों को बार-बार नजरअंदाज किया और जाली हस्ताक्षर वाले दस्तावेज स्वीकार किए।

ब्याज की भी मांग

इसमें कथित धोखाधड़ी और लापरवाही के लिए 5 अरब डॉलर के सीधे नुकसान, 5 अरब डॉलर के परिणामी नुकसान और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के लिए 5 अरब डॉलर के मुआवजे की मांग की गई है। शेट्टी ने साथ ही शुरुआती 10 अरब डॉलर पर 18% ब्याज की भी मांग की है। मुकदमे में बैंक, उसके कई मौजूदा और पूर्व अधिकारियों, NMC के पूर्व अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों और कंपनियों को पक्ष बनाया गया है।

शेट्टी की याचिका UAE के एक मामले से जुड़ी है, जिसे बैंक ऑफ बड़ौदा ने हाल में NMC और उसकी सहयोगी कंपनियों के एडमिनिस्ट्रेटर्स को 600 मिलियन डॉलर का भुगतान करके सुलझाया था। हेल्थकेयर ग्रुप के एडमिनिस्ट्रेटर्स ने बैंक पर आरोप लगाया था कि उसने शेट्टी के साथ मिलकर, बिना उचित जांच-पड़ताल और एंटी-मनी-लॉन्ड्रिंग और कस्टमर वेरिफिकेशन की सही प्रक्रियाओं का पालन किए बिना, गलत लेन-देन में मदद की थी।

बैंक का बयान

इस बीच बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि वह अपने हितों की रक्षा करेगा। रॉयटर्स के मुताबिक बैंक ने बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा, "बैंक को ऐसा कोई मुकदमा नहीं मिला है और वह कोर्ट में अभी तक साबित न हुए दावों पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। जब बैंक को मुकदमे की सूचना मिलेगी, तो बैंक मजबूती से अपना बचाव करेगा और अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठाएगा।"

बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा कि वह शेट्टी से 28 अरब रुपये की बकाया राशि वसूलने और कार्रवाई करने के लिए भारत और यूएई में कार्यवाही कर रहा है और उनके खिलाफ कई आदेश (डिक्री) हासिल कर चुका है। बैंक ने कहा कि जब तक कोई आदेश पारित नहीं होता और/या संभावित नुकसान के लिए कोई प्रोविजन बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, तब तक बैंक पर कोई तुरंत देनदारी नहीं आएगी।

शेयरों की चाल

इस बीच मंगलवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 2.6% की गिरावट आई। बुधवार को भी बैंक का स्टॉक करीब 3% गिरकर 230.45 रुपये पर आ गया। पिछले सत्र में यह 237.60 रुपये पर बंद हुआ था और आज 235.95 रुपये पर खुला। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 325.55 रुपये और न्यूनतम स्तर 223.90 रुपये है।