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सियासत में कुर्सी का इंतजार, लिफ्ट में मंजिल का इस बार न टिकट कटा, न कोई ऐसा वैसा बयान दिया, फिर भी पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा चर्चा में आ गए। वे लिफ्ट में फंस गए। काफी देर तक अधर में लटके रहे।

हुआ यूं कि नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर में एक कोचिंग क्लास का उद्घाटन करने पहुंचे थे। वे जैसे ही लिफ्ट में सवार हुए, वह खराब हो गई। इसके बाद करीब 15 मिनट तक वे लिफ्ट में ही अटके रहे।

कड़ी मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने उन्हें बाहर निकाला। लिफ्ट से बाहर आने के बाद उनके चेहरे पर राहत के भाव नजर आए।

अब इस घटना को लेकर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि दादा के साथ भी गजब हो रहा है। सियासत में कुर्सी का इंतजार और लिफ्ट में मंजिल का इंतजार..

मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने दिग्विजय सिंह को दिया नया नाम मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह में रामायण का एक कैरेक्टर ढूंढ लिया है। मंत्री जी को दिग्विजय सिंह में कालनेमि नजर आते हैं। कालनेमि रामायण में मायावी राक्षस था।

दरअसल, दिग्विजय सिंह ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। इसी को लेकर मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी से सवाल किया गया, तो उन्होंने हंसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। लोधी ने कहा कि जब दिग्विजय सिंह सनातन की बात करते हैं, तो उन्हें हंसी आती है। उन्होंने दिग्विजय सिंह की सनातन भक्ति को बगुला भक्ति भी बताया।

वैसे, सनातन के मुद्दे पर दिग्विजय सिंह हमेशा से भाजपा के सॉफ्ट टारगेट रहे हैं। मतलब भाजपा के निशाने पर रहे हैं। लेकिन अब दिग्विजय सिंह इसी मुद्दे पर यात्रा निकालकर भाजपा और संघ की घेराबंदी करने में जुटे हैं। ऐसे में उनकी यात्रा से पहले ही मंत्री के तंज ने सियासी बहस को नया रंग दे दिया है।

शिवराज का उदाहरण, सड़क पर उतरे भाजपा नेता सीहोर में हाल ही में आदिवासियों के घरों पर वन विभाग की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान नाराज हो गए थे। उन्होंने इस कार्रवाई को अन्याय बताया था।

अब शिवराज सिंह चौहान के इसी रुख को उदाहरण बनाकर छिंदवाड़ा में भाजपा नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना भी किसानों के मुद्दे पर सड़कों पर उतर गए। उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता माना है और इसके लिए नेता जी को नोटिस थमा दिया है। इस पर नेता जी का कहना है कि जब अपने क्षेत्र की जनता के लिए हमारे केंद्रीय मंत्री प्रदर्शन कर सकते हैं, तो मैं ज्ञापन क्यों नहीं दे सकता?

उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर उनका प्रदर्शन अनुशासनहीनता है, तो वे बार-बार ऐसी अनुशासनहीनता करेंगे, भले ही उन्हें निष्कासित कर दिया जाए। नेता जी ने कहा कि वे सर्कस के शेर नहीं हैं और किसी की गुलामी नहीं करेंगे।

अमित सक्सेना लोकसभा चुनाव के दौरान, करीब दो साल पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अब अपने इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कमलनाथ की भी तारीफ की।

अब अपनी ही पार्टी की सरकार के सिस्टम पर सवाल उठा रहे भाजपा नेता अमित सक्सेना को लेकर लोग चुटकी ले रहे हैं। सवाल उठ रहे हैं कि यह शिवराज इफेक्ट है या फिर नेता जी का एक बार फिर हृदय परिवर्तन हो रहा है?

रिश्वत कांड में विभीषण की तलाश रिश्वत लेने के आरोप, गिरफ्तारी और निलंबन। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी रहे दीपम रायचुरा को लेकर अब पूरे मामले का पोस्टमार्टम शुरू हो गया है। इस मामले में विभीषण की तलाश की जा रही है।

विभाग के अंदरखाने में चर्चा है कि अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में आखिर दस्तावेज लीक कैसे हो गए। इस पड़ताल में शक की सुई एक प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर पर आकर टिक गई है। बताया जा रहा है कि इस अधिकारी की केंद्रीय जांच एजेंसी में भी अच्छी पैठ है।

चर्चा तो यह भी है कि अब इस प्रभारी असिस्टेंट कमिश्नर के भी पुराने मामले खंगाले जा रहे हैं।

इनपुट सहयोग – रामेंद्र परिहार (ग्वालियर), विजय सिंह बघेल (भोपाल)

एमपी में बिजली की आंखमिचौली फिर शुरू हो गई है। कई जिलों में बिजली कटौती से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसे लेकर अब सियासत भी गरमाने लगी है।आगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए राजगढ़ से भाजपा सांसद रोडमल नागर ने बिजली कटौती के सवाल पर कैमरा ही बंद कराने की कोशिश की।