नई दिल्ली: दुनिया भर में डीजल की कीमत रेकॉर्ड पर पहुंच गई है। यूरोप और अमेरिका में डीजल की कीमत में हाल में काफी तेजी आई है। इस बीच सितंबर में भारत का डीजल एक्सपोर्ट एक साल के टॉप पर पहुंच गया। इस दौरान भारत ने यूरोप, अफ्रीका और एशिया के देशों को डीजल का एक्सपोर्ट किया। कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार सिंतबर में रोजाना लगभग 620,000 बैरल डीजल एक्सपोर्ट किया गया। इसमें से लगभग आधे शिपमेंट यूरोप गए।
कहां-कहां होता है एक्सपोर्ट?
आंकड़ों के मुताबिक भारत से एक्सपोर्ट होने वाले डीजल में से रोजाना लगभग 280,000 बैरल यूरोप गया, जो अगस्त की तुलना में लगभग 80% ज्यादा है। अफ्रीका में कस्टमर्स को लगभग 200,000 बैरल, एशिया को 50,000 बैरल और अमेरिका को 40,000 बैरल शिपमेंट भेजा गया। बाकी 50,000 बैरल अनजान जगहों पर गया। हालांकि, केप्लर के अनुसार रूस को कोई डीजल नहीं भेजा गया।
भारत की सबसे बड़ी एक्सपोर्टर
यूरोप पूरी तरह डीजल के आयात पर निर्भर है। डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स सितंबर में लगभग $37 प्रति बैरल एक्सपोर्टर्स के लिए दुनिया भर में मौजूद मार्जिन का एक बड़ा हिस्सा खत्म कर देता है। हालांकि, यह टैक्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओनली एक्सपोर्ट करने वाली जामनगर यूनिट पर लागू नहीं होता है। यह भारत की मुख्य एक्सपोर्टर है।



