नई दिल्ली: कहते हैं कि मुश्किल हालात इंसान को तोड़ भी सकते हैं और उसे कुछ बड़ा करने की वजह भी दे सकते हैं। ऐसी ही कहानी है टेक्नोलॉजी यूट्यूबर मनोज सारू की। एक समय उनके पास कॉलेज की फीस भरने तक के पैसे नहीं थे। बीटेक में दाखिले के लिए करीब 1 लाख रुपये की जरूरत थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि यह रकम जुटाई जा सके।
मनोज के मुताबिक, कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाने के बाद वह करीब तीन दिन तक लगातार रोते रहे। लेकिन इसके बाद उन्होंने तय किया कि सिर्फ परेशान होने से कुछ नहीं बदलेगा। उन्हें खुद ही कोई रास्ता निकालना होगा। यही सोच आगे चलकर उनकी जिंदगी बदलने की वजह बनी।
कंप्यूटर में थी दिलचस्पी
मनोज का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और वह किराए के घर में रहते थे। हालांकि, उनकी दिलचस्पी शुरू से ही कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी में थी। कॉलेज की फीस का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण उन्हें पढ़ाई में एक साल का गैप लेना पड़ा।
इसी दौरान उनकी नजर एक ऐसे आर्टिकल पर पड़ी, जिसमें घर बैठे इंटरनेट के जरिए लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी। इस आर्टिकल ने उन्हें ऑनलाइन काम करने के लिए प्रेरित किया। यह वही दौर था जब भारत में जियो की शुरुआत के बाद इंटरनेट तेजी से आम लोगों तक पहुंच रहा था।
पहला YouTube चैनल हुआ डिलीट
मनोज ने इंटरनेट पर पैसे कमाने के तरीकों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। इसके बाद उन्होंने टेक्नोलॉजी से जुड़ा अपना पहला यूट्यूब चैनल बनाया। कुछ समय की मेहनत के बाद चैनल पर करीब 25-26 हजार सब्सक्राइबर्स हो गए। उनके कुछ वीडियो भी वायरल होने लगे थे। लेकिन उन्हें यूट्यूब की कम्युनिटी गाइडलाइंस की पूरी जानकारी नहीं थी। इसी वजह से एक दिन उनका पहला चैनल डिलीट हो गया। यह उनके लिए बड़ा झटका था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
बनाया ‘ टेक्नोलॉजी ज्ञान ‘ चैनल
पहला चैनल खत्म होने के बाद मनोज ने दोबारा शुरुआत की। उन्होंने नया चैनल बनाया, जिसका नाम टेक्नोलॉजी ज्ञान रखा। इस बार उन्होंने लगातार सीखने और वीडियो बनाने पर ध्यान दिया। करीब दो साल की मेहनत के बाद उन्हें यूट्यूब से पहला पेमेंट मिला। यह रकम 250 डॉलर थी। मनोज के लिए यह सिर्फ पैसा नहीं था, बल्कि इस बात का सबूत था कि वह इंटरनेट के जरिए अपना करियर बना सकते हैं।
कॉलेज के साथ रोज 17-18 घंटे तक काम
मनोज ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। वह कॉलेज की पढ़ाई के साथ-साथ यूट्यूब और ब्लॉगिंग पर काम करते थे। उनके मुताबिक, कई बार वह रोज 17-18 घंटे तक कंप्यूटर पर काम करते थे।
जिस कमरे में वह काम करते थे, वह काफी छोटा था और आसपास शोर भी रहता था। इसलिए कई बार वह रात 1-2 बजे तक या फिर 3 बजे तक वीडियो बनाते थे। दिन का बड़ा हिस्सा कंटेंट लिखने, ब्लॉगिंग और रिसर्च में निकल जाता था। इसके बाद वीडियो की एडिटिंग भी करनी होती थी। धीरे-धीरे उनके चैनल की कमाई बढ़ने लगी। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें हर महीने 30-40 हजार रुपये मिलने लगे।
जब खुद आने लगे ऑफर
मनोज ने बताया है कि करियर के शुरुआती दौर में जब वह ब्रांड्स को ईमेल करते थे तो उन्हें जवाब तक नहीं मिलता था। लेकिन लगातार काम करने के बाद स्थिति बदलने लगी। उनके टेक्नोलॉजी से जुड़े ट्यूटोरियल वीडियो लोगों के बीच लोकप्रिय होने लगे। 2018-19 के दौरान उनके चैनल को खासा फायदा मिला और उनके कई वीडियो तेजी से वायरल हुए। इसके बाद उनके सब्सक्राइबर्स की संख्या लगातार बढ़ती गई। एक समय उनके चैनल ने 10 लाख सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा भी पार कर लिया।
25 साल की उम्र में करोड़पति बनने का दावा
मनोज के मुताबिक, उनकी मेहनत का नतीजा यह रहा कि वह महज 25 साल की उम्र में करोड़पति बन गए। आज उनके यूट्यूब चैनल पर 1.61 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं और उनकी कमाई लाखों रुपये महीने तक पहुंच चुकी है। कुछ महीनों पहले उन्होंने चार कमरों का फ्लैट भी खरीदा है। आज ब्रांड्स खुद उनसे संपर्क करते हैं, जबकि करियर की शुरुआत में उन्हें कंपनियों के जवाब का इंतजार करना पड़ता था।



