भोपाल। कोलार इलाके में दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासियों द्वारा अकबरपुर की शासकीय भूमि पर अवैध उत्खनन, पहाड़ी और पेड़ों की कटाई के आरोप लगाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर अब अकबरपुर सर्वे क्रमांक तीन की भूमि का सीमांकन कराया जाएगा। एसडीएम के नेतृत्व में संबंधित विभागों की टीम गठित कर जांच और कार्रवाई की जा रही है।
अपर कलेक्टर सुमित पांडे ने बताया कि दानिश हिल्स व्यू के रहवासियों की शिकायत पर सीमांकन के लिए टीम का गठन किया गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि अकबरपुर में अवैध उत्खनन के मामले को नवदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था।
जानकारी के अनुसार दानिश हिल्स व्यू कालोनी के रहवासी राघवेंद्र सिंह सेंगर, प्रशांत जैन, अमित शर्मा, राहुल सिंह, अनुप श्रीवास्तव और विकास खंडेलवाल सहित अन्य रहवासियों का आरोप था कि सर्वे क्रमांक तीन की जमीन पर मशीनों से पहाड़ की लगातार खोदाई की जा रही है। पहाड़ी को समतल करने के नाम पर बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया। विरोध करने पर मशीन संचालकों से अनुमति और दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई वैध स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई।
इलाके में बिना अनुमति प्लाटिंग की गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचने की आशंका है। यह क्षेत्र बाघों के भ्रमण क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, जहां मोर, हिरन सहित अन्य वन्यजीव पाए जाते हैं। पहाड़ी कटाई और मशीनों के शोर से वन्यजीवों के प्रभावित होने की संभावना है। इस पर कलेक्टर ने एडीएम सुमित पांडे को टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
सीमांकन और जांच के निर्देश जारी
रहवासियों ने आरोप लगाया था कि मौके पर चल रही मशीनों पर पंजीकरण नंबर तक अंकित नहीं थे। उन्होंने एनजीटी, वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय के पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए भूमि सीमांकन और विस्तृत जांच की मांग की थी।इसी बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और फोटो व वीडियो रिकार्ड किए। मामले की जानकारी वन विभाग और जिला प्रशासन को दी गई। अब कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व, वन, खनिज और अन्य संबंधित विभागों की टीम सीमांकन और जांच करेगी।
खनन माफिया के रिपोर्ट से नाम गायब, किसान पर लगाया जुर्माना
राताताल स्थित रोजीवे गांव में समतलीकरण की अनुमति की आड़ में हुए कथित अवैध उत्खनन मामले में खनिज विभाग की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि 15 एकड़ जमीन से बड़े पैमाने पर कोपरा निकालकर बाजार में बेचा गया, लेकिन जांच रिपोर्ट में कथित खनन कारोबारियों के नाम शामिल नहीं किए गए। जानकारी के अनुसार खनिज निरीक्षक सुचि माथुर की रिपोर्ट में शेखर पवार और शैलेंद्र भदौरिया के नाम नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि जमीन मालिक किसान हरिचरण पर 40 लाख 40 हजार रुपये की रायल्टी और पेनल्टी प्रस्तावित की गई है।
मामले में दो पोकलेन मशीन जब्त की गई थीं, जबकि 12 डंपरों को छोड़े जाने को लेकर भी विवाद है। जिला खनिज अधिकारी मेहताब सिंह रावत ने डंपर छोड़े जाने की जानकारी नहीं होने की बात कही है। तो वहीं कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए खनिज उपलब्धता जरूरी है और नियमों के तहत अनुमति दी जाती है।



