पुरी : ओडिशा के मलकानगिरी में चक्रवात ‘अर्नब’ ने तबाही मचाई है। लगातार बारिश से ओडिशा का मलकानगिरी जिला पानी में डूब चुका है। बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। कुछ जगहों पर पुलों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्षेत्रों का आपसी संपर्क टूट गया। भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए, पुरी को अगले दो दिनों के लिए रेड ज़ोन अलर्ट पर रखा गया है। ऐसा एक ‘डीप डिप्रेशन’ (गहरे कम दबाव वाले क्षेत्र) के बनने के कारण हुआ है, जिसने इलाके के मौसम और समुद्र की स्थितियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। समुद्र में हलचल और ऊंची लहरों को देखते हुए, ज़िला प्रशासन ने लाल झंडे लगाकर पर्यटकों को आगाह किया है और समुद्र में नहाने पर रोक लगा दी है। समुद्र तट के अलग-अलग हिस्सों में लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं। अर्नब से मलकानगिरी इलाके में तबाही मच गई है।
मलकानगिरी में लगातार भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। कांकुरुकोंडा, कन्याश्रम, एमवी-90 और एमवी-96 पुलों के ऊपर तीन से चार फीट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। नतीजतन, मलकानगिरी और कालीमेला, मोटू और पोडिया के बीच संपर्क टूट गया है।
नेशनल हाईवे बंद, साकड़ों गाड़ियां फंसी
जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर पानी भरा है, जिसकी वजह से जिला प्रशासन ने हाईवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। हालांकि, इसके कारण कई जगहों पर सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने से भी सड़कें बंद हो गई हैं। लोगों की सुरक्षा के लिए सभी पुलों के पास पुलिस तैनात की गई है।
आपसी संपर्क टूटा
मलकानगिरी में चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण मौसम विभाग ने दो दिन का रेड अलर्ट जारी किया था। मलकानगिरी के एडीएम बेदाबर प्रधान ने बताया कि अगले कुछ घंटे और भारी हो सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। चक्रवात के कारण पहले से ही जिले में रेड अलर्ट है। इसमें आपसी संपर्क भी टूट चुका है। उन्होंने बताया कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और चेन्नई से आनी वाली गाड़ियां यहां फंसी हुई हैं। जिला प्रशासन और पंचायतों की ओर से प्रभावित लोगों के लिए खान-पान और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।
हर तरफ नजर आ रही तबाही
इससे पहले, बारिश और तेज हवाओं ने बालासोर में जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। फायर सर्विस ने गिरे हुए पेड़ को हटाया, जबकि रेमुना में बुधवार को एक घर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हो गया। फायर ऑफिसर अजय ने बताया कि बांकेश्वर में तीन जगहों पर पेड़ गिरे, जिनमें से दो पेड़ घरों पर गिरे। वहां लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, राजाबगीचा जंक्शन पर फ्लडलाइट की मदद से मलबा हटाने का कार्य किया गया। बालासोर के सभी फायर स्टेशन पूरी तरह तैयार हैं। 12 स्टेशनों पर एक-एक नाव है और चार अतिरिक्त नावें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश केके चलते वहां स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है और अधिकारी आपातकालीन तैयारियों में भी जुट गए हैं। खुर्दा, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, पुरी और नबरंगपुर में स्कूल बंद हैं।
प्रशासन ने साफ़ किया है कि स्कूल की छुट्टी सिर्फ़ छात्रों के लिए है। शिक्षकों और स्कूल के अन्य कर्मचारियों को अपने-अपने संस्थानों में रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। प्रिंसिपलों से रोस्टर-आधारित ड्यूटी लागू करने को भी कहा गया है ताकि स्कूल की इमारतें चौबीसों घंटे खुली रहें और आपात स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके। कोरापुट और कालाहांडी में, अधिकारियों ने तैयारी के उपायों के तहत शिक्षकों को 25 सितंबर तक अपनी पोस्टिंग वाली जगह न छोड़ने का निर्देश दिया है।
हालात गंभीर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि 24 सितंबर को ओडिशा के कुछ हिस्सों में बहुत ज़्यादा भारी बारिश हो सकती है, और इसके बाद 25 और 26 सितंबर को भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। असिस्टेंट स्टेशन ऑफिसर अनंत प्रसाद बिस्वाल ने संकट की गंभीरता पर ज़ोर देते हुए कहा कि हालात खतरनाक हैं और इनके और बिगड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग बोला- किसी भी पल कुछ भी हो सकता है
अनंत प्रसाद बिस्वाल ने कहा कि मौजूदा हालात, खासकर ‘डीप डिप्रेशन’ को देखते हुए, पुरी को ‘रेड ज़ोन’ घोषित किया गया है। यह स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रहने की उम्मीद है… हमने लोगों को जागरूक करने के लिए ओडिशा फायर सर्विस के 98 लाइफगार्ड तैनात किए हैं। आज पुरी में हालात खतरनाक हैं और कल इनके और बिगड़ने की आशंका है; ‘डीप डिप्रेशन’ बन चुका है, जिससे समुद्र में ज़बरदस्त हलचल है और ऊंची लहरें उठ रही हैं। किसी भी पल कुछ भी हो सकता है।
लोगों को किया जा रहा अलर्ट
समुद्र के किनारे लाल झंडे पहले ही लगा दिए गए हैं और लाइफगार्ड लगातार लाउडस्पीकर से चेतावनी दे रहे हैं। सरकार ने लाइफगार्ड, ATV बाइक और मेगाफोन उपलब्ध कराए हैं, और पुरी प्रशासन ने समुद्र में नहाने पर आधिकारिक तौर पर रोक लगा दी है। मैं पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे अगले दो दिनों तक पानी में न उतरें। फायर सर्विस के एक अधिकारी के अनुसार, कलेक्टर ने लाइफगार्ड को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी पर्यटक नहाने के लिए समुद्र में न जाए, क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरों के साथ हलचल बनी रहेगी। प्रशासन ‘ज़ीरो ड्राउनिंग’ (किसी के भी न डूबने) पर खास ज़ोर दे रहा है।



