नई दिल्ली: कांग्रेस की कार्य समिति (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक में पार्टी ने कथित वोट चोरी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाने का संकल्प लिया। बैठक में पारित प्रस्ताव के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे, SIR पर रोक लगाने और मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से ज्यादा नाम बहाल करने की मांग की गई। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
खरगे ने ब्रिटिश शासन से की मौजूदा स्थिति की तुलना
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर चर्चा की।
- बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष करने का फैसला किया है।
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल विपक्षी दल नहीं, बल्कि प्रतिरोध करने वाली पार्टी भी है और इस संघर्ष को उसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
- बैठक में खरगे ने मौजूदा स्थिति की तुलना ब्रिटिश शासन के दौर से करते हुए कहा कि जिस तरह अंग्रेजों से वोट का अधिकार हासिल करने के लिए संघर्ष किया गया था, उसी तरह अब इस अधिकार को बचाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है।
इंडिया ब्लॉक की मीटिंग आज
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन को राजनीतिक दलों से आगे ले जाने की तैयारी है। इंडिया गठबंधन अक्टूबर में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा विरोध मार्च निकालने की योजना बना रहा है। इस मार्च में विपक्षी दलों के साथ सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों को भी शामिल करने की तैयारी है। बुधवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में इस आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आरजेडी, एनसीपी और वाम दलों समेत 20 से अधिक विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, AAP और डीएमके ने इस बैठक से दूरी बनाई है। किसान संगठनों को भी न्योता देने की योजना है।
खरगे ने रखीं ये मांगे
कांग्रेस अध्यक्ष ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ये मांगे रखींः
- मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक करना
- वोटर्स को अपील का मौका देना
- राजनीतिक दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराना
- फैसलों में पारदर्शिता आदि
चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ी सियासत
कांग्रेस SIR विवाद को बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदलना चाहती है। दूसरी तरफ, बीजेपी इसे विपक्ष की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश बता रही है।
NBT Lens: खबरों के अंदर की बात
यानी असली लड़ाई अब सिर्फ SIR या वोटर लिस्ट की नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया पर सियासत की है। आज I.N.D.I.A. ब्लॉक की मीटिंग है। विपक्ष इस मुद्दे को देशव्यापी आंदोलन बनाने की रणनीति पर चर्चा कर सकता है।



