तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व एक्टर थलपति विजय उर्फ सी. जोसेफ विजय ने तमिल सिनेमा के लिए एक बहुत ही अहम और बड़ा फैसला लिया है, जिसकी चर्चा हो रही है। दरअसल, थलपति विजय ने राज्य में सभी नई रिलीज फिल्मों के लिए हफ्तेभर तक रोजाना 5 शोज चलाने की अनुमति दी है। तमिलनाडु सरकार ने सोमवार, 25 मई को यह आदेश जारी किया। इसके अनुसार, यह नया आदेश वीकेंड के अलावा पब्लिक हॉलिडे और स्थानीय त्योहारों के दिनों पर भी लागू होगा। माना जा रहा है कि यह फैसला तमिल सिनेमा की तस्वीर और तकदीर बदलकर रख देगा।
CM विजय का तमिल सिनेमा के लिए बड़ा फैसला
थलपति विजय ने यह आदेश तमिल फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से 16 मई को मिले एक ज्ञापन पर विचार करने के बाद पारित किया है। इसमें कहा गया है, ‘मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने ऐलान किया है कि तमिलनाडु के सभी सिनेमाघर नई तमिल फिल्मों की रिलीज की तारीख से सात दिनों तक रोजाना उनके पांच शोज दिखाएंगे। मुख्यमंत्री ने 16 मई, 2026 को फिल्म इंडस्ट्री के स्टेक होल्डर्स द्वारा पेश की गईं याचिकाओं को रिव्यू करने के बाद यह आदेश जारी किया है।’ तमिल फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज कई साल से इस मांग के पूरी होने की आस लगाए बैठे थे, जिसे अब थलपति विजय ने पूरा किया है।
अभी तमिल सिनेमा में हर दिन कितने शोज की परमिशन?
तमिलनाडु सिनेमा (रेगुलशन) रूल्स, 1957 के मुताबिक, सिनेमाघरों को रोजाना सिर्फ चार शो स्क्रीन करने की अनुमति है। हालांकि, पब्लिक हॉलिडे या त्योहारों जैसे खास मौकों या विशेष अवसरों पर रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए राज्य या राष्ट्रीय समारोहों के संबंध में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों के लिए सरकार द्वारा एक्स्ट्रा शोज के लिए विशेष अनुमति दी जा सकती है। लेकिन किसी फिल्म के पांचवे शो को सिर्फ स्थानीय त्योहारों या पब्लिक हॉलिडे के दौरान ही आयोजित किया जा सकता था। इसके लिए, थिएटर मालिकों और संबंधित फिल्मों के निर्माताओं को संबंधित जिला कलेक्टरों से या फिर चेन्नई में, शहर के पुलिस आयुक्त से अनुमति लेनी पड़ती थी। सरकार को अतिरिक्त शो के लिए अलग से अनुमति जारी करनी होती थी।
फिल्म रिलीज पर तमिल सिनेमा में क्या है नियम?
नियम के मुताबिक, तमिलनाडु में अभी सुबह 9 बजे बाद ही शोज दिखाए जा सकते हैं, जिसके कारण लंबी फिल्मों के सिर्फ चार ही शोज दिखाए जा सकते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में तमिलनाडु सरकार ने फिल्मों की स्क्रीनिंग को लेकर विशेष छूट दी। इनमें सूर्या की फिल्म ‘कंगुवा’ और विजय-तृषा कृष्णन की ‘लियो’ शामिल हैं। सरकार ने तब इन दोनों फिल्मों के शो जल्दी शुरू करने की अनुमति दी थी। लेकिन ‘लियो’ को दी गई विशेष अनुमति को कुछ ही दिन बाद कैंसिल भी कर दिया गया था।
इन सभी फिल्मों पर लागू होगा नया आदेश
थलपति विजय ने थिएटर मालिकों के संघों द्वारा प्रस्तुत अनुरोध को उचित बताते हुए, सिनेमाघरों को नई फिल्मों की रिलीज डेट से सात दिनों तक हर रोज पांच शो चलाने की अनुमति दे दी। आदेश में आगे कहा गया है कि यह अनुमति डब फिल्मों, दोबारा रिलीज हुई फिल्मों, बच्चों की फिल्मों और डिजिटल और गैर-डिजिटल दोनों प्रारूपों में प्रदर्शित फिल्मों पर भी लागू होती है।’
कमल हासन ने CM विजय से की थी रोजाना 5 शोज की मांग
वहीं, बता दें कि कमल हासन भी हाल ही थलपति विजय से मिले थे और तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी छह मांगें विजय के सामने रखीं। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि तमिल फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के लिए सरकारी OTT प्लेटफॉर्म शुरू किया जाए, ताकि दर्शकों को कम कीमत पर कंटेंट देखने का मौका मिल सके। साथ ही उन्होंने 4% एंटरटेनमेंट टैक्स हटाने, एंटी-पायरेसी टीम बनाने और फिल्म प्रोडक्शन इंसेंटिव योजना शुरू करने की मांग की थी। इसी में कमल हासन ने एक मांग की थी कि राज्यभर के सिनेमाघरों में सभी फिल्मों के लिए रोजाना 5 शो चलाने की अनुमति दी जाए। साथ ही यह भी मांग की थी कि फिल्मों की ओटीटी रिलीज से पहले कम से कम 8 हफ्तों का अंदर रखा जाए।
CM बनने के 48 घंटों में तृषा की फिल्म पर लिया था अहम फैसला
वहीं, थलपति विजय ने मुख्यमंत्री बनने के 48 घंटों के अंदर ही एक अहम फैसला लिया था। उन्होंने तृषा कृष्णन और सूर्या की फिल्म ‘करप्पु’ की रिलीज को लेकर एक स्पेशल परमिशन दी थी। उन्होंने ‘करुप्पु’ के सुबह 9 बजे के शो के लिए ‘विशेष अनुमति’ दी थी।



