भोपाल। राजधानी भोपाल ड्रग्स और अवैध नशीली दवाओं के निर्माण का एक बड़ा हब बनती जा रही है। गुजरात पुलिस द्वारा भोपाल में पकड़ी गई ‘एमडी ड्रग्स’ (MD Drugs) की फैक्ट्री के बड़े खुलासे के बाद अब स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भोपाल के पटेल नगर इलाके में एक और बड़े नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया है।
एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटेल नगर के मकान नंबर-66 पर अचानक दबिश दी। यह मकान साधना सिंह और जयदीप सिंह का बताया जा रहा है।
दवा बनाने के उपकरण और प्रिंटेड रैपर जब्त
कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने घर को चारों तरफ से घेरकर वहां मौजूद 10 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मौके से नशीली सिरप बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई केमिकल, उपकरण, खाली बोतलें और ‘OFF-KUFF’ नाम के प्रिंटेड रैपर बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस सिरप की सप्लाई बिना किसी डॉक्टरी पर्चे के सीधे नशेड़ियों और युवाओं को ऊंचे दामों पर की जा रही थी।
घर के अंदर चल रही थी फैक्ट्री
जांच टीम जब घर के भीतर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई।घर के भीतर ही बेहद हाई-टेक तरीके से अवैध कफ सिरप बनाने की फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
यहां ‘OFF-KUFF’ नाम के रैपर लगाकर नशीली कफ सिरप को बोतलों में पैक किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत का तैयार जखीरा और कच्चा माल जब्त किया है।
छिंदवाड़ा-बैतूल में 24 बच्चों की ले चुकी है जान
इस पूरे खुलासे ने भोपाल पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र (Intelligence) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले वर्ष सितंबर-अक्टूबर के महीने में इसी तरह की विषाक्त और नशीली कफ सिरप पीने से छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल जिलों में 24 बच्चों की तड़प-तड़प कर मौत हो चुकी है।
इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी राजधानी भोपाल के पॉश इलाके में बीते 1 साल से मौत का यह धंधा खुलेआम चल रहा था और स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
अब आगे क्या? एसटीएफ खंगाल रही है ‘कच्चे माल’ का सोर्स
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों से बंद कमरे में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि प्रतिबंधित नशीली सिरप बनाने के लिए इन आरोपियों को केमिकल और कच्चा माल (Raw Material) कहाँ से सप्लाई हो रहा था और भोपाल से यह सिरप मप्र के किन-किन जिलों में भेजी जा रही थी।
आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े मेडिकल स्टोर्स और फार्मा डिस्ट्रीब्यूटर्स के नाम सामने आने की उम्मीद है।



