भोपाल। जिले में अवैध कालोनियों के खिलाफ बुधवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 132 करोड़ कीमत की 33 एकड़ जमीन पर बुलडोजर चलाया है। यह कार्रवाई हुजूर तहसील के ग्राम कोलुखेड़ी व मीरपुर में की गई है, यहां पर भूमि स्वामी व कॉलोनाइजरों द्वारा बिना किसी अनुमति के अवैध कालोनी विकसित कर प्लाट बेचे जा रहे थे। जिसकी शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम विनोद सोनकिया के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया है।
एसडीएम को मिली थी शिकायत
जानकारी के अनुसार हुजूर एसडीएम विनोद सोनकिया को शिकायत मिली थी कि ग्राम पंचायतों में लोग खेती की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित कर प्लाट बेच रहे हैं। जिसके बाद राजस्व टीम को ग्राम कोलुखेड़ी व मीरपुर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे, जिसमें पता चला कि लोगों के द्वारा बड़े स्तर पर प्लॉटिंग की जा रही है। इससे टीम ने बुधवार को ग्राम कोलुखेड़ी स्थित करीब तीन एकड़ जमीन पर बनाई जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की है।
जमीन की बाजार कीमत करीब 132 करोड़ रुपये
यह कॉलोनी भूमि स्वामी मोहम्मद फारुख, राहुल महावर व अन्य रियान गोल्डन द्वारा विकसित की जा रही थी। इसी तरह ग्राम मीरपुर में प्रगति अग्रवाल पिता दिनेशचंद्र अग्रवाल द्वारा बनाई जा रही अवैध कालोनी और मीनेश इंटरप्राइजेज द्वारा काटी जा रही अवैध कालोनी पर कार्रवाई की गई है। इस तरह कुल 33 एकड़ जमीन पर बनाई जा रही अवैध कालोनियों पर किए गए अवैध निर्माणों को तोड़ा गया है। जमीन की बाजार कीमत करीब 132 करोड़ रुपये बताई गई है।
एसडीएम का कहना है कि अवैध कालोनियों पर नियमित रूप से कार्रवाई की जा रही है, जो कि आगे भी जारी रहेगी। शासकीय भूमि पर कब्जा, प्रशासन ने हटाया अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने पहुंची राजस्व टीम को ग्राम कोलुखेड़ी में शासकीय भूमि पर कब्जा कर मकान बनाने की शिकायत मिली थी। इससे टीम ने करीब 82 लाख रुपये कीमत की शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को तोड़ते हुए अतिक्रमण मुक्त करवाया गया है। यह कब्जा शौकीन अली पिता इनायत अली ने किया था।
100 कालोनाइजरों को थमाए नोटिस
जिले में अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने के लिए कॉलोनी सेल का गठन किया गया है, जिसमें अपर कलेक्टर सुमित कुमार पांडे के नेतृत्व में कार्रवाई की जा रही है, नगरीय क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम कार्रवाई कर रहे हैं। नगर निगम द्वारा अब तक करीब 100 कालोनाइजरों को नोटिस थमाए जा चुके हैं, तय सीमा में जवाब नहीं देने पर एफआइआर व तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।



