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रायपुर। राज्य स्थापना दिवस पर 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव-2026 में कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की चुनौतियों से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान गोलियों की गूंज से नहीं, बल्कि विकास, खुशहाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से होनी चाहिए।

मंत्री गुरु खुशवंत ने बीजापुर प्रवास के दौरान कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर स्थित एफओबी ताड़पाला पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की और उनके साहस, शौर्य एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों के अथक प्रयासों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से शांति एवं विकास की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगे का फहराना सुरक्षा बलों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है।

श्रमिकों का किया सम्मान, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कर्रेगुट्टा क्षेत्र में निर्माण एवं विकास कार्यों में योगदान देने वाले श्रमिकों को मंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विकसित बस्तर के निर्माण में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके परिश्रम और समर्पण से ही अधोसंरचना विकास को गति मिल रही है। इस दौरान उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
राज्योत्सव में प्रदेश की विकास यात्रा को किया रेखांकित
बीजापुर के जिला मुख्यालय मिनी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, तकनीकी शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें बेहतर शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक, डिजिटल शिक्षा और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जुड़कर अपने हुनर को विकसित करने का आह्वान किया।