भोपाल। मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात के रूप में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर स्थापित किया जाएगा।इस केंद्र के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को खेल संबंधी चोटों के इलाज, रिकवरी और फिटनेस के लिए अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्हें एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय चिकित्सा और खेल विज्ञान आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विशेषज्ञों की टीम रहेगी मौजूद
केंद्र में खेल चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट, स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की टीम तैनात रहेगी। यहां खिलाड़ियों को चोटों के उपचार के साथ-साथ फिटनेस मूल्यांकन, खेल पोषण संबंधी मार्गदर्शन और मानसिक मजबूती के लिए परामर्श भी दिया जाएगा।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार यह सेंटर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से खिलाड़ियों की रिकवरी प्रक्रिया तेज और प्रभावी बनाई जाएगी।
वर्तमान में राजधानी के टीटी नगर स्टेडियम में खिलाड़ियों को सीमित स्तर पर स्पोर्ट्स इंजरी उपचार की सुविधा मिलती है, लेकिन नए सेंटर के बनने से सुविधाओं का दायरा काफी बढ़ जाएगा।
साई भोपाल के साथ मिलकर हो रहा विकास
एम्स भोपाल और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) भोपाल के बीच इस परियोजना को लेकर एमओयू हो चुका है। दोनों संस्थान मिलकर स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर को विकसित कर रहे हैं।
हालांकि, अभी तक आर्थोस्कोपी सेटअप स्थापित नहीं हो पाया है, जिसके कारण गंभीर खेल चोटों के मामलों में खिलाड़ियों को उपचार के लिए दिल्ली रेफर करना पड़ता है। सेंटर के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।



