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विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रावण दहन होगा। प्रदेश का सबसे बड़ा 101 फीट ऊंचा रावण रायपुर के WRS मैदान में शाम 7 बजे के बाद जलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंच पर पहुंच चुके हैं।

बिलासपुर में रावण दहन को लेकर विवाद हो गया। साइंस कॉलेज मैदान में वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित करने वाले अर्पांचल लोक मंच ने इस बार विरोध जताया। पुलिस की रोक के बावजूद मंच के पदाधिकारियों ने मैदान के मुख्य गेट के सामने रावण के पुतले का दहन किया।

दुर्ग में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता बग्गी में सवार होकर पहुंचे। वहीं, जगदलपुर में रावण दहन की परंपरा नहीं है। यहां 75 दिनों तक बस्तर दशहरा चलता है, लेकिन रावण नहीं जलाया जाता।

बिलासपुर में रावण दहन पर विवाद

बिलासपुर में रावण दहन को लेकर विवाद हो गया। साइंस कॉलेज मैदान में वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित करने वाले अर्पांचल लोक मंच ने इस बार विरोध जताया। पुलिस की रोक के बावजूद मंच के पदाधिकारियों ने मैदान के मुख्य गेट के सामने रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान स्थानीय विधायक और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

मंच के पदाधिकारियों का आरोप है कि वर्षों से आयोजित सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का सरकारीकरण किया जा रहा है। उनका दावा है कि मंच पिछले छह वर्षों से बिना सरकारी सहयोग के भव्य दशहरा उत्सव आयोजित करता आ रहा है। हालांकि, पिछले दो वर्षों से दूसरी समिति और प्रशासन के हस्तक्षेप के कारण विवाद की स्थिति बन रही है।

बिलासपुर में 9 प्रमुख जगहों पर होगा रावण दहन

बिलासपुर में पुलिस मैदान सहित 9 प्रमुख जगहों पर रावण दहन होगा। शाम 6 से रात 8 बजे के बीच रावण दहन किया जाएगा। आयोजनों में श्रीराम परिवार की झांकी, राम-रावण युद्ध और आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

दुर्ग-भिलाई में 7 जगह होगा रावण दहन

दुर्ग-भिलाई में विजयादशमी पर अलग-अलग जगहों पर दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। रविशंकर स्टेडियम से लेकर भिलाई के सेक्टर-2, सेक्टर-7, रिसाली, पद्मनाभपुर, शांति नगर और बैकुंठ धाम में रावण दहन होगा।

इन आयोजनों में रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आतिशबाजी के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाएगा। शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम होंगे।

रविशंकर स्टेडियम में होगा शहर का सबसे बड़ा आयोजन

दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में शहर का सबसे बड़ा प्रमुख सार्वजनिक दशहरा उत्सव आयोजित किया जाता है। यहां भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद रावण दहन होगा। हर साल बड़ी संख्या में लोग उत्सव देखने पहुंचते हैं।

रायगढ़ के 3 बड़े मैदानों में आयोजन

रायगढ़ के रामलीला मैदान, मिनी स्टेडियम और नटवर हाई स्कूल मैदान में रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस बार अलग-अलग आयोजन स्थलों पर 50 और 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले तैयार किए गए हैं।

तालाब के बीच बने टापू पर रावण दहन

एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित कोरिया कॉलरी में दशहरे पर रावण दहन का एक अनोखा तरीका है। यहां रावण का पुतला मैदान में नहीं, बल्कि गहरे तालाब के बीच बने टापू पर जलाया जाता है।

रावण के पुतले को तालाब के बीच टापू तक पहुंचाने के लिए ड्रमों से बनी नाव का इस्तेमाल होता है। रस्सी की मदद से नाव को खींचकर टापू तक ले जाया जाता है।