भोपाल। सोचिए, अगर प्रदेश के मुख्यमंत्री एक दिन के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर किसी स्कूल में शिक्षक की भूमिका में नजर आएं तो नजारा कैसा होगा। कुछ ऐसा ही अनोखा और प्रेरणादायक दृश्य भोपाल के टीटी नगर स्थित सांदीपनि विद्यालय में देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद बच्चों को पढ़ाने के लिए क्लासरूम में पहुंच गए। मुख्यमंत्री ने न केवल ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर बच्चों को पढ़ाया और उनसे सवाल पूछे, बल्कि एक अनुभवी शिक्षक की तरह उनकी पढ़ाई और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बातचीत भी की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल ब्लैकबोर्ड और किताबों तक ही सीमित नहीं रहा। क्लासरूम के बाद वे बच्चों के साथ स्कूल की अत्याधुनिक रोबोटिक्स लैब में पहुंचे। वहां उन्होंने छात्रों के साथ मिलकर अलग-अलग टेक्नोलॉजी मॉडल्स और एक्टिविटीज पर काम किया। इसके बाद सीएम फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी लैब में पहुंचे। केमिस्ट्री लैब में बच्चों ने खुद मुख्यमंत्री के सामने प्रैक्टिकल करके दिखाए, जिसे देखकर उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की खुलकर तारीफ की। उन्होंने करीब से देखा कि सरकारी स्कूल के बच्चे किस तरह प्रैक्टिकल लर्निंग के जरिए कठिन विषयों को आसानी से समझ रहे हैं। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के विजन पर भी बात हुई। मध्यप्रदेश में फिलहाल 368 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 750 विद्यालयों तक ले जाने का है, ताकि हर इलाके के बच्चे को आधुनिक शिक्षा मिल सके।



