भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले हर खिलाड़ी का सपना कप्तानी करना होता है। अगर टेस्ट में कप्तानी मिल जाए तो सोने पर सुहागे जैसा है। भारत 94 साल से टेस्ट मैच खेल रहा है। अभी तक सिर्फ 38 खिलाड़ियों को कप्तानी करने का मौका मिला है। इसमें सिर्फ चार नाम ऐसे रहे हैं, जिन्हें कप्तानी में हार नहीं मिली है। हम आपको उनके बारे में बताते हैं।
हेमू अधिकारी
पूर्व बल्लेबाज हेमू अधिकारी ने एक ही टेस्ट में भारत की कप्तानी की। वह उनके करियर का आखिरी टेस्ट भी था। वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में वह मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ था।
रवि शास्त्री
भारतीय टीम के हेड कोच रहे रवि शास्त्री भी टेस्ट में कप्तानी कर चुके हैं। 1988 में दिलीप वेंगसरकर की इंजरी की वजह से वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में उन्हें कप्तानी मिली थी। भारत ने उस मैच को 255 रनों से जीता था।
कृष्णमाचारी श्रीकांत
भारतीय टीम 1989 में पाकिस्तान के दौरे पर गई थी। इसी दौरे पर सचिन तेंदुलकर का डेब्यू हुआ था। चार मैचों की सीरीज में कृष्णमाचारी श्रीकांत टीम के कप्तान थे। चारों मैच ड्रॉ पर खत्म हुए। इसके बाद फिर उन्हें कप्तानी का मौका नहीं मिला।
अजिंक्य रहाणे
2017 से 2021 के बीच अजिंक्य रहाणे ने 6 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कमान संभाली। इन 6 मैचों में भारत को 4 जीत मिली और दो मैच ड्रॉ रहे। इस दौरान उनकी कप्तानी में भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को घर में जाकर हराया।



