इस्लामाबाद: पाकिस्तान के संविधान में 27वां संशोधन कर आर्मी चीफ असीम मुनीर को देश का ‘तानाशाह’ बना दिया गया है। असीम मुनीर को संविधान संशोधन के बाद अब चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बना दिया गया है, जबकि चेयरमैन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब तीनों सेनाओं, सामरिक योजनाओं और परमाणु कमान का कंट्रोल सीधे एक व्यक्ति के हाथ में आ गया है।
पाकिस्तान ने ऐसा मई महीने में भारत के हाथों मिली करारी हार के बाद किया है। मई संघर्ष में पाकिस्तान, भारत के हमलों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ था। ऐसा करके पाकिस्तान ने रक्षा बजट, सैन्य संसाधन का मैनेजमेंट और रक्षा संसाधनों की आपातकालीन खरीद को भी एक ही शख्स, यानि असीम मुनीर के हाथों में दे दिया है।
परमाणु और मिसाइल, दोनों पर असीम मुनीर का कंट्रोल
इस संविधान संशोधन का एक और पहलू ये है कि COAS–CDF अब परमाणु और मिसाइल, दोनों कमांडों पर डायरेक्ट कंट्रोल करेंगे। पुराने ढांचे के तहत CJCSC, SPD और तीनों सेनाओं के रणनीतिक विभागों के बीच खिंचाव आता रहता था और इससे फैसला लेने में देरी होती थी। लेकिन, नए मॉडल में यह जोखिम काफी कम हो जाता है और पाकिस्तान की सेना हमले की स्थिति में तेज फैसले ले सकेगी।
इसके साथ ही यह ढांचा अमेरिका, चीन और खाड़ी देशों जैसे साझीदारों के साथ पाकिस्तान की सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को आसान बनाता है। क्योंकि अब सारा फैसला एक ही अधिकारी को लेना होगा। ये बदलाव इस ओर संकेत करता है कि पाकिस्तान आने वाले वर्षों में लंबी दूरी की मिसाइलों, पारंपरिक रॉकेट फोर्स और हवाई शक्ति में तेजी से निवेश बढ़ाने जा रहा है, ताकि भारत के खिलाफ अगले जंग में वो तत्काल हमला करने की स्थिति में आ पाए



