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ढाका: बांग्लादेश के सीनियर पत्रकार सैदुर रहमान को भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन में मिनिस्टर (प्रेस) अपॉइंट किया गया है। डेली इत्तेफाक अखबार में पॉलिटिकल और इलेक्शन अफेयर्स एडिटर सैदुर की नियुक्ति तारिक रहमान सरकार ने की है। तारिक सरकार के इस फैसले ने सोशल मीडिया यूजर्स और भारतीय एक्सपर्ट का ध्यान खींचा है क्योंकि सैदुर लगातार दिल्ली विरोधी बयानबाजी करते रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि बांग्लादेशी पीएम तारिक आखिर ऐसे व्यक्ति को दिल्ली क्यों भेज रहे हैं, जो भारत को नापंसद करता है और सार्वजनिक तौर पर इसे जाहिर भी करता रहा है।

द डेली स्टार के मुताबिक, बांग्लादेश की पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्ट्री के एक नोटिफिकेशन में बताया गया है कि सैदुर रहमान को एक साल के कॉन्ट्रैक्ट पर अपॉइंट किया गया है, जो उनके जॉइन करने की तारीख से लागू होगा। यह पोस्ट फरवरी में फैसल महमूद के जाने के बाद से खाली है। फैसल को बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने अपॉइंट किया था। उन्होंने नौ महीने तक प्रेस मिनिस्टर के तौर पर काम किया।

सैदुर के नाम पर क्यों है एतराज

सैदुर रहमान की नियुक्ति की खबर सामने के बाद से भी भारत के कई एक्सपर्ट इस पर अपनी बात रख चुके हैं। भारतीय इसे ढाका-दिल्ली में संबंध सुधारने की कोशिशों में रोड़ा अटकाने की तरह देख रहे हैं। दरअसल सैदुर ये कहते रहे हैं कि बांग्लादेश में भारत नाजायाज तौर पर दखल देता है। वह कई मौकों पर बांग्लादेश में हालात बिगाड़ने का दोष भी भारत पर मढ़ चुके हैं।

अभिजीत मजूमदार ने सोशल मीडिया पर सैदुर का नाम लेते हुए सवाल किया है कि आखिर बांग्लादेश उनको भारत क्यों भेज रहा है। मजूमदार ने कहा कि सैदुर भारत और नरेंद्र मोदी को बुरा-भला कहते हैं। वह बांग्लादेश की आजादी में भारत की भूमिका को कम आंकते हैं। उन्होंने एस जयशंकर से इस पर ध्यान देने की अपील करते हुए कहा है कि सैदुर बांग्लादेश-भारत संबंध सुधारने की कोशिश को पटरी से उतार सकते हैं।

भारत पर लगाते रहे हैं आरोप

एक और सोशल यूजर ने सोशल मीडिया पर सैदुर रहमान को बांग्लादेश हाई कमीशन का प्रेस ऑफिसर नियुक्त करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सैदुर की एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। इस पोस्ट में सैदुर ने बांग्लादेश के खिलाफ भारत के रवैये को वर्चस्ववादी और बिग ब्रदर वाला कहा है। वह भारत को लेकर उसी तरह की बातें करते रहे हैं, जो बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी जैसे घोर दक्षिणपंथी दल करते हैं।

ढाका यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई करने वाले सैदुर रहमान सत्ताधारी बीएनपी के मुखपत्र डेली डिंकल में काम कर चुके हैं। फिलहाल वे डेली इत्तेफाक से जुड़े हुए हैं। सैदुर ढाका यूनिवर्सिटी जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पूर्व महासचिव और रिपोर्टर्स फोरम फॉर इलेक्शंस एंड डेमोक्रेसी के पूर्व अध्यक्ष हैं।