इस्लामाबाद: पाकिस्तान में सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने जेल में बंद अपने सर्वोच्च लीडर इमरान खान के लिए सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। साथ ही आर्मी चीफ असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को चेतावनी दी है कि अगर बलपूर्वक आंदोलन को दबाया गया तो हिंसा फैल सकती है। पीटीआई ने 27 सितंबर को पूर्व पीएम इमरान खान की रिहाई की मांग के लिए इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है।
पीटीआई के खैबर पख्तूनख्वां (केपी) प्रेसिडेंट और एमएनए जुनैद अकबर का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह पीटीआई कार्यकर्ताओं के साथ सरकार की ओर से ज्यादती होने पर इस्लामाबाद को सोमनाथ बनाने की बात कह रहे हैं। जुनैद ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर में महमूद गजनवी की सेना की 1026 के आसपास की गई लूट और तबाही का हवाला देकर सरकार को धमकी दी है।
सड़कों पर उतरी PTI
इमरान खान की पार्टी पीटीआई पाकिस्तान में बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रही है। पीटीआई की कोशिश राजधानी इस्लामाबाद में अपना विरोध दर्ज कराने की है। पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च की घोषणा कर रखी है।
पीटीआई संस्थापक इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इनमे से कई में उनको सजा भी सुनाई जा चुकी है। पीटीआई इन मुकदमों और सजा को पूरी तरह से खारिज करती है और सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताती है।
इमरान की बहन गिरफ्तार
पाकिस्तान की सरकार की ओर से पीटीआई के मार्च को रोकने की कोशिश होती दिख रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। लाहौर पुलिस ने रविवार को अलीमा को कोट लखपत जेल भेज दिया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है। अलीमा लॉन्ग मार्च की अगुवाई करने वाले लीडरान में से एक हैं।
जियो न्यूज ने बताया कि अलीमा खान को मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर, 1960 के तहत हिरासत में लिया। अलीमा लाहौर के अपर मॉल स्थित अपने घर से जिम जा रही थीं, तभी उन्हें पुलिस ने रोक किया। उनकी गाड़ी को पुलिस स्टेशन में खड़ा कर दिया गया और उनको जेल भेज दिया गया। अलीमा के परिवार और पीटीआई ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है।



