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नई दिल्लीरोपवे (Ropeway) चलाना टेक्निकल काम माना जाता है। इसमें जरा सी चूक जा जाए तो लोगों की जान का खतरा हो जाता है। लेकिन हरिद्वार के मनसा देवी रोपवे (Mansa Devi Temple Ropeway) को चलाने के लिए ऐसे फर्मों या कंपनियों से निविदा मंगा ली गई, जो हॉस्पिटल चला रहे थे, सड़क और पुल बना रहे थे या कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम कर रहे थे। तभी तो सुरक्षा और पारदर्शिता संबंधी चिंताओं को लेकर उत्तराखंड हाई कोर्ट की तीखी आलोचना मिली। इसके बाद निविदा मंगाने वाले हरिद्वार नगर निगम ने मनसा देवी मंदिर के लिए अपने नवीनतम रोपवे टेंडर को ही रद्द (Scrapped) कर दिया।

फैसला आने से पहले ही टेंडर वापस

इस मामले का फैसला कुछ ही दिन में आने वाला था। मंगलवार को इस पर नियमित सुनवाई हुई थी। इस सुनवाई में निगम के वकील संदीप कोठारी ने मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की खंडपीठ को बताया कि टेंडर वापस ले लिया गया है।