नई दिल्ली: फीफा विश्व कप की शुरुआत 1930 में हुई थी। टूर्नामेंट उरुग्वे की मेजबानी में खेला गया था और खिताब भी उरुग्वे ने ही जीता था। 1934 और 1938 में टीम ने टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से मना कर दिया। 1950 में एक बार फिर उरुग्वे की टीम चैंपियन बनी। उसके बाद से अभी तक टीम ने खिताब नहीं जीता है। 1954, 1970 और 2010 में टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था। इसके बाद भी उरुग्वे फुटबॉल टीम की जर्सी पर चार स्टार रहते हैं।
उरुग्वे की जर्सी पर चार स्टार क्यों?
फुटबॉल में जो भी टीम ने जितने फीफा विश्व कप जीते होते हैं, उसकी जर्सी पर लोगों के साथ उतरे स्टार होते हैं। उरुग्वे के नाम दो फीफा विश्व कप का खिताब है लेकिन टीम की जर्सी पर चार स्टार हैं। उरुग्वे ने 1924 और 1928 में हुए ओलंपिक गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। फीफा के साथ ही दुनिया भर के फुटबॉल संघों ने पेरिस 1924 और एम्स्टर्डम 1928 के ओलंपिक में हुए फुटबॉल टूर्नामेंट को ओपन वर्ल्ड चैंपियनशिप के तौर पर मान्यता दी है। इसी वजह से उरुग्वे की जर्सी पर चार स्टार होते हैं।
दो स्टार हटाने का हुआ था आदेश
2022 विश्व कप से पहले फीफा की तरफ से उरुग्वे को जर्सी से दो स्टार हटाने के लिए कहा गया था। उरुग्वे फुटबॉल की तरफ से कई इतिहासकारों और शुरुआती दस्तावेजों की मदद से अपने स्टार्स की वैधता के पक्ष में तर्क तैयार किए। उसे फीफा के सामने पेश किया गया। फीफा ने इसकी वजह से अपनी बात वापस ले ली। फीफा विश्व कप 2026 में फी उरुग्वे की टीम की जर्सी पर चार स्टार दिखेंगे।



