नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल को भारत में स्मार्टफोन का निर्माण बंद करने को कहा था। वह चाहते हैं कि कंपनी अमेरिका में ज्यादा निवेश करे। ऐपल के सीईओ टिम कुक का कहना है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर फोन चीन के बजाय भारत में बनेंगे। ट्रंप की धमकी के बावजूद कंपनी भारत में अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। कर्नाटक के देवनहल्ली में फॉक्सकॉन के प्लांट में काम सामान्य रूप से चल रहा है। 300 एकड़ में फैले कंपनी के प्लांट में कर्मचारियों के रहने के लिए डॉर्मिटरी बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है। ताइवान की यह कंपनी ऐपल के लिए आईफोन बनाती है।
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन देवनहल्ली प्लांट में 2.56 बिलियन डॉलर का निवेश कर रही है। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह प्लांट देवनहल्ली तालुक के दोड्डागोल्लाहल्ली और चप्पराडाहल्ली गांवों में फैला हुआ है। यह बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 34 किलोमीटर दूर है। फॉक्सकॉन ने पहले चरण (2023-24) में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया था। दूसरे चरण (2026-27) में भी लगभग इतनी ही राशि का निवेश होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य इस साल दिसंबर तक लगभग 100,000 आईफोन बनाने का है।



