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भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी महकमों में एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। लंबित मांगों और सरकार के कुछ हालिया फैसलों के विरोध में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का निर्णय लिया है। हाल ही में हुई संगठन की बैठक में इस पर सर्वसम्मति से मुहर लग गई है।

संगठन के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि संगठन की बैठक में अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी के बंधन, परिवीक्षा अवधि में 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन का आदेश निरस्त करने के हाई कोर्ट के आदेश का पालन, शिक्षकों की पात्रता परीक्षा निरस्त करने, पेंशनरों को नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई राहत, अनुकंपा नियुक्तियों के प्रकरणों को निराकरण सहित अन्य विषयों पर चर्चा हुई।

सरकार से नाराजगी

आंदोलन की बड़ी वजह हाई कोर्ट का वह फैसला है जिसमें नवनियुक्त कर्मचारियों को परिवीक्षा अवधि (Probation Period) का पूरा वेतन देने का आदेश दिया गया था। सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है।

संविदा और आउटसोर्स: इन कर्मचारियों को भी नियमित कर्मचारियों की तरह लाभ दिए जाएं।
संगठन के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी के अनुसार, आंदोलन की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा और संरक्षक एलएन कैलासिया सहित कई दिग्गज पदाधिकारी मौजूद रहे।