भोपाल। राजधानी के बावडिया कलां क्षेत्र में सरकारी नाले को दबाकर किए गए अवैध निर्माणों पर अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि नाले के प्राकृतिक स्वरूप से कोई समझौता नहीं होगा। कोर्ट ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सभी अतिक्रमण चिह्नित कर तीन माह के भीतर हटाए जाएं।
6 मीटर का नाला सिमटकर हुआ आधा
तहसीलदार की सीमांकन रिपोर्ट ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जिस नाले की चौड़ाई छह मीटर होनी चाहिए थी, वह रसूखदारों के निर्माण के कारण घटकर मात्र दो से चार मीटर रह गई है। एनजीटी ने चेतावनी दी है कि यदि ये निर्माण नहीं हटे, तो शहर को 2016 जैसी भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
अतिक्रमणकारियों की सूची में बड़े नाम
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 0.5510 हेक्टेयर क्षेत्र वाले इस नाले पर इन संस्थानों ने कब्जा किया है:
– भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA)
– अरण्य वैली हाउसिंग सोसाइटी
– मोहनी दीप रिट्रीट सोसाइटी
– स्नेह नगर और शगुन मैरिज गार्डन क्षेत्र
प्रशासन ने कोर्ट को बताया कि कोलार एसडीएम द्वारा सभी संबंधितों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब देखना यह है कि तीन महीने की समय सीमा में प्रशासन इन रसूखदारों पर क्या कार्रवाई करता है।



