गयाजी: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का पूजा-पाठ पर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भगवान और पूजा-पाठ को लेकर एक बार फिर खुलकर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि भगवान को किसी ने देखा नहीं है, इसलिए वे खुद पूजा-पाठ नहीं करते और दुनिया को दिखाने के लिए ऐसा करना बेकार है। मांझी ने जोर देकर कहा कि माता-पिता ही साक्षात ब्रह्मा और विष्णु हैं। उन्होंने अपनी भावुकता साझा करते हुए कहा कि उनके माता-पिता ने मजदूरी करके उन्हें पढ़ाया-लिखाया और आज उनके ही आशीर्वाद की बदौलत वे मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचे हैं।
‘बेकार है भगवान का नाम…’
केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भगवान और पूजा-पाठ को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘बेकार है भगवान का नाम.. पूजा करना और ये सब करना। जो माता-पिता का प्रणाम नहीं किया, उनका पूजा नहीं किया तो दुनिया को दिखाने के लिए और अपनी संतुष्टि के लिए। देखिए इस दुनिया में भगवान को लोग मानते हैं। हम सही में पूजा-पाठ नहीं करते हैं। भगवान को देखा नहीं है इसलिए हम सुनते हैं, इस दुनिया में भगवान को लोग मानते हैं। हम सही में पूजा-पाठ नहीं करते हैं। भगवान को देखा नहीं है इसलिए हम सुनते हैं। लेकिन माता-पिता तो साक्षात् भगवान ब्रह्मा, विष्णु जो भी कहिए हैं।’
‘कोई भगवान नहीं है माता-पिता छोड़ कर’
माता-पिता और परिवार को लेकर जीतन राम मांझी ने कहा, ‘गरीब घर में पैदा हुए क्या मशक्कत उन लोगों ने हमारे लिए सही और आज हम यहां पर आए हैं। हम लोग क्या है एक प्रोवर्ब है कि ‘बाढ़े पूत पिता के धर्म और खेती उपजे अपने कर्म।’ तो आज खेती का भी काम शुरू कर दिया है। आठ बीघा में धान उपजा रहे हैं और पिताजी का धर्म का मामला है उनको भी यादगार के रूप में प्रतिष्ठित करा दिया है। क्योंकि मजदूरी करके हम लोगों को पढ़ाए। उन्हीं का आशीर्वाद है जिसके चलते जिस पद को हम नहीं सोच रहे थे कि हमको मिलेगा वो भी पद मिला। चाहे मुख्यमंत्री का मामला हो, चाहे भारत सरकार में मंत्री का मामला हो। इसलिए हम दुनिया को बताने के लिए कि कोई भगवान नहीं है माता-पिता छोड़ करके। इसलिए माता-पिता का जो पूजा करता हूं, माता-पिता जी का सेवा करता है, उनका नाम उजागर करता है।’
पहले माता-पिता, फिर भगवान- मांझी
इतना कुछ कहने के बाद जीतन राम मांझी एक बार फिर भगवान और उनके असतित्व पर लौट आए। उन्होंने कहा, ‘वो भगवान का नाम (जाप करना) करता है। बेकार है भगवान का नाम.. पूजा करना और ये सब करना। जो माता-पिता का प्रणाम नहीं किया, उनका पूजा नहीं किया। तो दुनिया को दिखाने के लिए और अपनी संतुष्टि के लिए।’
पुश्तैनी घर पर पूर्वजों की प्रतिमाओं का अनावरण
दरअसल, केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने अतरी (गयाजी) में अपने पैतृक आवास पर पूर्वजों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। इस दौरान वो थोड़ा भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि माता-पिता से बड़ा कोई भगवान नहीं होता। जीतन राम मांझी ने अपनी राजनीतिक यात्रा में परिवार के संघर्षों को भी याद किया। इस दौरान महकार स्थित पुश्तैनी घर पर उनके बेटे और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन, हम पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, विधायक, कार्यकर्ता और बहुत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।



