Spread the love

भोपाल। ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’ का पहला जत्था गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना हुआ। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस यात्रा में प्रदेश के 1100 श्रद्धालु शामिल हुए, जिनमें 500 भोपाल और 600 उज्जैन संभाग के यात्री शामिल हैं।मोहन यादव ने सुबह 10 बजे हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को शौर्य के प्रतीक स्वरूप त्रिशूल भी भेंट किया। जय श्रीराम, हर-हर महादेव और भगवान शिव के जयकारों के बीच यात्रा में शामिल महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती नजर आईं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस आयोजन का समापन 11 मई को होगा, जब श्रद्धालु सोमनाथ महादेव के दर्शन कर वापस लौटेंगे। कार्यक्रम में रामेश्वर शर्मा, रविन्द्र यती और राहुल कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

यात्रियों में दिखा उत्साह

यात्री अशोक शर्मा और नीति शर्मा ने बताया कि वे पहली बार इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के निश्शुल्क होने से उन्हें बेहद खुशी है और इससे पहले वे कभी इस तरह की धार्मिक यात्रा पर नहीं गए।

वहीं विश्वसिध्य सांगोड़े और सुनीता सांगोड़े ने बताया कि दोनों पहली बार यात्रा कर रहे हैं। उनका कहना था कि रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी के बीच मन को तरोताजा रखने के लिए उन्होंने इस यात्रा में शामिल होने का निर्णय लिया।

सुरेंद्र ठाकरे ने बताया कि उनके परिवार के आठ सदस्य यात्रा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित है।

संस्कृति और आस्था का संदेश

एनपी नामदेव ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य देशवासियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और हजार वर्षों के संघर्ष की याद दिलाना है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक बनकर मनाया जा रहा है।