भोपाल। एम्स भोपाल में बुधवार को तकनीकी खामी के कारण स्त्री रोग विभाग और शिशु रोग ओपीडी का सर्वर डाउन हो गया। इससे सैकड़ों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर गर्भवती महिलाओं को पर्चा रिन्यू कराने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जबकि छोटे बच्चों को लेकर आए परिजन भी परेशान होते रहे।
पर्चा रिन्यू नहीं हुआ तो रुकी जांच
एम्स के स्त्री रोग विभाग में प्रेग्नेंसी से संबंधित जांच के लिए आने वाली महिलाओं को हर विजिट पर ओपीडी पर्चा रिन्यू कराना जरूरी होता है। पर्चा रिन्यू होने के बाद ही डॉक्टर जांच करते हैं। लेकिन बुधवार सुबह सर्वर ठप होने से यह प्रक्रिया रुक गई।
इस वजह से दूसरी और तीसरी बार चेकअप के लिए पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को मुख्य बाह्य ओपीडी में जाकर दोबारा पर्चा बनवाना पड़ा। यहां पहले से ही लंबी लाइनें लगी थीं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
गर्मी और भीड़ में परेशान हुए मरीज
सर्वर डाउन होने के कारण अस्पताल परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। गर्मी के बीच गर्भवती महिलाएं लाइन में खड़ी रहीं, जबकि छोटे बच्चों को गोद में लिए परिजन भी परेशान नजर आए। कई मरीजों की समय पर जांच नहीं हो सकी।
बैरसिया से आई सात महीने की एक गर्भवती महिला ने बताया कि वह तीसरी बार जांच के लिए आई थीं, लेकिन सर्वर बंद होने के कारण पर्चा रिन्यू नहीं हो पाया। वहीं दो साल के बच्चे को दिखाने आए अजय ने कहा कि सुबह 9 बजे से परेशान हैं और इस तरह की दिक्कत पहले भी हो चुकी है।
रोजाना 400 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्त्री रोग ओपीडी में प्रतिदिन 220 से 250 मरीज आते हैं। वहीं शिशु रोग ओपीडी में रोज 180 से 200 बच्चों की जांच होती है।
दोनों विभागों को मिलाकर रोजाना 400 से अधिक मरीजों का दबाव रहता है। ऐसे में सर्वर डाउन होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई।
तीन घंटे बाद बहाल हुई सेवा
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक सर्वर बंद रहा। बाद में आईटी टीम ने समस्या ठीक कर सेवाएं बहाल कर दीं।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बाह्य ओपीडी से पर्चे जारी किए गए ताकि इलाज प्रभावित न हो।



