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बढ़ती गर्मी और सीमेंट कांक्रीट से पटते शहरों के कारण बिगड़ रही आबोहवा में बदलाव लाने नगरीय विकास और आवास विभाग ने कवायद शुरू की है। इसके लिए प्रदेश के नगरीय निकायों में हरियाली वाले क्षेत्र का विस्तार करने और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा देने राज्य सरकार द्वारा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अफसरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष शामिल होंगे।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 13 जून को राजधानी के रवीन्द्र भवन में इसी को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसे अमृत हरित अभियान नाम दिया गया है। कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का प्रसार करना है। नगरीय विकास और आ‌वास विभाग ने इसके निर्देश सभी नगरीय निकायों को जारी कर दिए हैं। कार्यशाला में मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे।

हर नगर निगम से 6, नपा से चार, नपं से दो प्रतिनिधि आएंगे

  • कार्यशाला में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। हर नगर निगम से 6, नगरपालिका परिषद से 4 और नगर परिषद से 2 प्रतिभागियों की उपस्थिति रहेगी।
  • कृषि और उद्यानिकी से संबंधित उत्पादों एवं यंत्रों की प्रदर्शनी के साथ ही नर्सरी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।
  • विभिन्न संस्थानों जैसे इफ्को एवं भारतीय प्रबंध संस्थान के विषय-विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जाएगी।
  • स्थानीय वृक्ष प्रजातियों की विशेषता एवं संरक्षण, जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की जाएगी।
  • बगीचों के लिए तकनीक एवं उपकरण की आवश्यकता, पौधरोपण और अधिनियमों का विश्लेषण तथा पौधरोपण के बाद उसके समुचित प्रबंधन पर चर्चा होगी।

हरित क्षेत्र बढ़ाने की यह रहेगी रणनीति

  • कार्यशाला में दिव्यांग पार्क, होशंगाबाद एवं उज्जैन की सफलता की कहानियों को भी साझा किया जाएगा।
  • इन कहानियों पर आधारित फिल्म का प्रजेंटेशन किया जाएगा।
  • कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी नगरीय निकायों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जाएगा।
  • पौध-रोपण कार्य में शामिल शासकीय और अशासकीय संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में भाग लेंगे।