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भोपाल। पीटीआरआई में पदस्थ एआइजी राजेश कुमार मिश्रा के खिलाफ दुष्कर्म और आर्थिक शोषण की शिकायत के आठ महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय जांच के बाद अब तक फाइल शासन स्तर पर अटकी है और राजेश मिश्रा के कारण बताओ नोटिस के जवाब का इंतजार चल रहा है। उधर, न्याय की दरकार में राजस्थान की पीड़िता शुक्रवार को भोपाल पहुंची और अपने अधिवक्ता के साथ श्यामला हिल्स थाने में 14 पन्नों का विस्तृत आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

पीड़िता का आरोप है कि एआईजी ने शादी का झांसा देकर पहली बार भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र स्थित एक हेरिटेज होटल में दुष्कर्म किया। इसके बाद अलग-अलग शहरों में भी उसका शारीरिक और आर्थिक शोषण किया गया। होटलों के बिल, फोटो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे गए हैं। एआइजी पर 32 लाख रुपये ऐंठने का भी आरोप है। श्यामला हिल्स थाने के एसआइ घूमेंद्र सिंह का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय जांच पहले ही पूरी हो चुकी है

विभागीय जांच की रिपोर्ट शासन स्तर पर इस मामले में विभागीय जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ डीआइजी तरुण नायक करीब दो माह पहले अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप चुके हैं। रिपोर्ट में भोपाल, जयपुर, दिल्ली और मुंबई के विभिन्न होटलों में दोनों के साथ ठहरने की पुष्टि होटल रिकार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर की गई है। फिलहाल शासन स्तर पर एआइजी को जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं मिला है।