कोलकाता : नॉर्थ कोलकाता के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने भले ही ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया’ (NCPI) जॉइन कर ली हो, लेकिन उनकी पत्नी और पांच बार की MLA नयना बंदोपाध्याय उनके खिलाफ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वह आखिरी सांस तक ममता बनर्जी के साथ रहेंगी। इधर नयना बंदोपाध्याय को लेकर कुणाल घोष ने टिप्पणी की और उन्हें चलता-फिरता ब्यूटी पार्लर कहा, जिसके बाद मामला गरमा गया। नयना ने नाराजगी जाहिर की तो कुणाल घोष ने उन्हें भाभी कहकर संबोधित किया।
ममता बनर्जी को कहा मां दुर्गा
नयना ने ममता बनर्जी को मां दुर्गा तक कहा। TOI से बात करते हुए नयना ने कहा कि सुदीप मुझे मना नहीं पाए। उन्होंने (तृणमूल) छोड़ दिया है, यह उनका मामला है, वह खुद देख लेंगे। उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। मैं उनकी ज़िम्मेदारी नहीं ले सकती। नयना ने कि मैंने ममता बनर्जी को ‘मां दुर्गा’ कहा था। मैं आखिरी सांस तक मां दुर्गा के साथ रहूंगी। मैं अपने फैसले पर अडिग हूं। मैंने दीदी से कह दिया है कि मैं कहीं नहीं जा रही हूं। अगर दीदी मुझे निकाल देंगी, तो मैं अनाथ की तरह सड़कों पर भटकूंगी।
सुदीप बंदोपाध्याय ने पत्नी नयना को लेकर क्या कहा
सुदीप बंदोपाध्याय ने रविवार को दिल्ली में पत्रकारों से कहा था कि वह अपनी पत्नी को NCPI में शामिल होने के लिए मना नहीं पाए। उन्होंने कहा कि मैं अभी तक अपनी पत्नी को मना नहीं पाया हूं। जहां शोभनदेव चट्टोपाध्याय विधानसभा में तृणमूल के नेता बने हुए हैं, वहीं वह (नयना) डिप्टी लीडर बनी हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की, फिर उन्होंने मुझे मनाने की कोशिश की। आखिरकार, एक सहमति बनी- हर कोई अपनी मर्जी से काम करेगा।
दो साल पहले भी हुए थे सुदीप और ममता बनर्जी के मतभेद
इसके बाद सुदीप ने तृणमूल के सौगत रॉय और BJP के तथागत रॉय का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक ही परिवार के सदस्य राजनीति में अलग-अलग खेमों में हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि केरल में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पति और पत्नी अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों में हैं। यह पहली बार नहीं है जब इस जोड़े को ऐसे राजनीतिक फैसले का सामना करना पड़ा है। लगभग दो दशक पहले, सुदीप के ममता बनर्जी से मतभेद हो गए थे।
नयना को भी टीएमसी ने किया था सस्पेंड
सुदीप बंदोपाध्याय ने 2004 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने का फैसला किया था और बाद में कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे। उस समय नयना अपने पति के साथ खड़ी रहीं। सुदीप का समर्थन करने और पार्टी लाइन के खिलाफ टिप्पणी करने के कारण उन्हें 2004 में तृणमूल से सस्पेंड कर दिया गया था, हालांकि उन्होंने 2006 तक MLA के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा किया। बाद में सुदीप तृणमूल में लौट आए।
कुणाल घोष ने नयना को कहा चलता-फिरता ब्यूटी पार्लर
जब सुदीप इस बार बागी खेमे में शामिल हुए, तो तृणमूल के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा था कि यह बीजेपी की जबरदस्त मार्केटिंग है- ‘एक के साथ एक फ़्री’। आपको सिर्फ विग पहने एक आदमी ही नहीं मिलता, बल्कि उनके साथ एक चलता-फिरता ब्यूटी पार्लर भी मिलता है। सोमवार को नयना ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मैंने दीदी को बता दिया है। मुझे इस तरह की भाषा पर आपत्ति है। वह एक महिला का अपमान कर रहे हैं। कुणाल बाबू यह तय नहीं करेंगे कि मेरा रुख क्या होगा।
नयना गुस्साईं तो कुणाल ने कहा भाभी
नयना ने कहा कि यह भूल जाइए कि मैं विधायक हूं या किस पार्टी से हूं। सबसे पहले, मैं एक महिला हूं। वह एक महिला के बारे में ऐसी अपमानजनक बातें कैसे कह सकते हैं? उन्हें महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। कुणाल घोष ने कहा कि नयना मेरी भाभी हैं। हमने दीदी का साथ न छोड़ने की कसम खाई थी। देखते हैं कि क्या वह दीदी के साथ बनी रहती हैं। उनके पति तो चले गए हैं- वह पार्टियां बदलने में माहिर हैं। मुझे उम्मीद है कि वह यहीं बनी रहेंगी।



