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आमिर खान स्‍टारर ‘लगान’ भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन फिल्‍मों में से है। साल 2001 में आशुतोष गोवारिकर के डायरेक्‍शन में बनी यह फिल्‍म 2026 में अपनी 25वीं सालगिरह मना रही है। बीते दिनों मुंबई में इसका जश्‍न मनाया गया था। अब एक्‍टर अमीन हाजी, जिन्‍होंने फिल्‍म में बाघा का किरदार निभाया है, उन्‍होंने एक इंटरव्यू में कहा कि ‘लगान’ में ‘बाघा’ के रोल ने उन्हें ‘प्रोफेशनली बर्बाद’ कर दिया। अमीन हाजी कहते हैं कि ऑस्कर-नॉमिनेटेड फिल्म में उनके बेहतरीन और संतोषजनक रोल ने उनके स्टैंडर्ड्स इतने ऊंचे कर दिए थे कि बाद में मिले ऑफर उन्हें अच्छे नहीं लगे।

अमीन हाजी ने न्‍यूज एजेंसी ‘पीटीआई’ से बातचीत की है। इसमें उन्‍होंने बताया कि ‘लगान’ ने उनके करियर और निजी जीवन पर किस तरह असर डाला है। हालांकि, अमीन हाजी इससे पहले 2021 में कुछ ऐसी ही बातें कर चुके हैं।

‘इसके बाद जो भी रोल ऑफर हुए, वे ‘लगान’ जैसे नहीं थे’

अपने ताजा इंटरव्‍यू में अमीन हाजी कहते हैं, ‘प्रोफेशनली, ‘लगान’ ने मुझे बर्बाद कर दिया। क्योंकि एक एक्टर के तौर पर इसने मुझे इतना बढ़िया रोल दिया… कि उसके बाद, मुझे जो भी काम ऑफर हुआ वह कभी भी अच्छा नहीं लगा। ‘लगान’ की राइटिंग जिस तरह की थी, हम में से हर कोई फिल्म में हीरो था। इसके बाद मुझे जो भी रोल ऑफर हुए, वे ‘लगान’ जितनी अच्छी नहीं लिखी गईं। तो इस मायने में इसने मुझे बर्बाद कर दिया। इसने मेरे लिए स्टैंडर्ड इतना ऊंचा कर दिया कि… उसके बराबर आना बहुत मुश्किल था।’

‘लगान’ में क्‍या था एक्‍टर अमीन हाजी का रोल

अमीन हाजी ने 2001 में ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई ‘लगान‘ में मंदिर में ढोल बजाने वाले दिव्‍यांग ‘बाघा’ का यादगार किरदार निभाया था, जो सुन और बोल नहीं सकता। कहानी में बाघा गांव का एक ऐसा व्यक्ति है, जो बोल और सुन नहीं सकता। लेकिन बोल न पाने के बावजूद, वह चीजों को बारीकी से समझने की अपनी खूबी के कारण, बारिश होने से पहले ही इसका अंदाजा लगा लेता है। वह बाद में आमिर खान के भुवन के साथ मिलकर चंपानेर क्रिकेट टीम का एक अहम और बहुत कुशल बल्लेबाज साबित होता है।

बाघा के रोल के लिए अमीन हाजी ने ऐसे की थी तैयारी

‘रेडिफ’ को दिए एक पुराने इंटरव्‍यू में अमीन हाजी ने बताया था कि एक दिव्‍यांग व्यक्ति के तौर पर अपने किरदार को सम्मानजनक और असल जैसा दिखाने के लिए उन्‍होंने म्यूजिक बैंड और ऐसे लोगों से सलाह ली, जिनके परिवार में गूंगे सदस्य थे। वह यह इसलिए कर रहे थे ताकि उन तौर-तरीकों को समझ सकें।

‘लगान’ के सेट पर शार्लेट व्हिटबी-कोल्स से मुलाकात और शादी

मजेदार बात यह है कि कच्छ जिले में ‘लगान’ की मुश्किल शूटिंग के दौरान ही अमीन हाजी की मुलाकात फिल्म पर काम कर रही ब्रिटिश सोशल एंथ्रोपोलॉजिस्ट शार्लेट व्हिटबी-कोल्स से हुई। बाद में दोनों ने शादी कर ली। हाल ही में फिल्म के 25 साल पूरे होने के जश्न में वह अपनी पत्‍नी और बेटियों के साथ पहुंचे, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र रही। अमीन हाजी और शार्लेट की दोनों बेटियों के नाम, स्काई और समर हैं।

अमीन हाजी की लव स्‍टोरी, बेटियों ने लूटी लाइमलाइट

अमीन हाजी ने खुद भी फिल्‍म की 25वीं सालगिरह के जश्‍न की तस्‍वीर शेयर की है। इसमें वह पत्‍नी और बेटियों के साथ नजर आ रहे हैं। एक्‍टर ने कैप्‍शन में लिखा है, ‘जब हम ‘लगान’ के सेट पर मिले थे, तब शार्लोट 23 साल की थीं। उन्होंने अपने दयालुपन, सहानुभूति और गर्मजोशी भरे अंदाज से मुझे उस ‘तीन गुना लगान’ वाली उलझन से आजाद किया। शार्लोट अब ब्रिस्टल से ज्यादा समय भारत में बिता चुकी हैं। उन्होंने हिंदी सीखी है, मराठी समझती हैं और मेरे अंदर के भारतीय को पसंद करती हैं। वह हंसते-हंसते ‘तीन गुना लगान’ चुका रही हैं। साथ ही हमारी बेटियों समर और स्काई की ‘अनस्कूलिंग’ का काम भी संभाल रही हैं और ‘वर्ल्ड पिकलबॉल लीग’ में काम करती हैं। कौन कहता है कि आसमान में सुराग नहीं हो सकता? बस एक अच्छा सोलमेट सही से ढूंढो, मेरे दोस्तों।’

‘स्‍वदेस’ के को-राइटर, ‘कोई जाने ना’ के डायरेक्‍टर

‘लगान’ की ब्‍लॉकबस्‍टर सफलता के बाद अमीन हाजी ने बतौर राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी काम किया है। उन्होंने ‘कोई जाने ना’ फिल्‍म से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया। जबकि शाहरुख खान की ‘स्वदेस’ और ऋतिक रोशन की ‘जोधा अकबर’ जैसी फिल्मों में को-राइटर भी रहे हैं।