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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधारों का भारत समेत G4 के सभी सदस्यों ने समर्थन किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान G4 देशों- भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान- के विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की है। इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने G4 देशों के अपने समकक्षों के साथ UNSC में सुधार की संभावनाओं को लेकर UN में मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।

UNSC में जल्द सुधार पर जोर

भारत के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, G4 देशों ने इस बात पर जोर दिया कि भू-राजनीतिक माहौल चुनौतीपूर्ण होने के चलते UNSC में सुधार की जरूरत आज पहले से कहीं ज्यादा है। G4 के मंत्रियों ने माना का UNSC का मौजूदा ढांचा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मुख्य जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में असमर्थ है।

सुरक्षा परिषद के ढांचा हकीकत से दूर

बैठक में कहा गया कि आज UNSC के प्रतिनिधित्व, वैधता, विश्वसनीयता और असरदार होने पर सवाल उठ रहे हैं। इसका मुख्य कारण समूह का 8 दशक पुराना ढांचा है, जो आज की भू-राजनीतिक हकीकत को नहीं दिखाता है। इसे देखते हुए बैठक में जोर दिया गया कि UNSC में सुधार को जल्द से जल्द लागू करना बहुत जरूरी है, ताकि सुरक्षा परिषद अपने मकसद के लिए उपयुक्त हो और आज की भू-राजनीतिक हकीकत को सही ढंग से दिखा सके।

IGN ढांचे पर उठाए सवाल

बैठक में साल 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के दौरान UNSC में सुधार के संबंध में अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) ढांचे में हुई चर्चाओं की समीक्षा भी की गई। G4 मंत्रियों ने IGN ढांचे पर सवाल उठाए और कहा कि 18 साल की गतिविधियों के बावजूद यह ढांचा UNSC में सुधार की दिशा में कोई ठोस नतीजा लाने में नाकाम रहा है।

उन्होंने पिछले IGN सत्र में टेक्स्ट आधारिक बातचीत शुरू होने से पहले बीच का रास्ता निकालने वाले प्रस्ताव (ब्रिजिंग प्रपोजल) को पेश किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव में सदस्यता के विस्तार के पक्ष में मौजूद सदस्य देशों के स्पष्ट बहुमत की राय को ध्यान में नहीं रखा गया है।