नई दिल्ली: भारत और चीन के रिश्तों को लेकर दिल्ली में चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने दो टूक कहा कि चीन और भारत को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्हें खतरे के बजाय विकास के अवसरों के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों को सही रणनीतिक सोच बनाए रखने के साथ ही रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से द्विपक्षीय संबंध विकसित करने की जरूरत है।
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोले शू फेइहोंग
पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना की 77वीं वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शू ने भारत-चीन रिश्तों पर अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चीन और भारत करीबी पड़ोसी हैं। उनमें दोस्ताना बातचीत और सहयोग हमेशा से ही दोनों देशों के रिश्तों का मुख्य आधार रहे हैं। चीनी राजदूत ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार हैं, और वे एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं बल्कि विकास के अवसर हैं।
‘भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है चीन’
शू ने आगे कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है ताकि पड़ोसी बड़े देशों के बीच साथ रहने का सही तरीका खोजा जा सके और दोनों देशों के रिश्तों में लगातार विकास को बढ़ावा दिया जा सके। चीन के राजदूत ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों पर भी जोर दिया और बताया कि इस साल की पहली छमाही में दोनों देशों के बीच व्यापार 91.7 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इसमें पिछले साल के मुकाबले 23.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
‘दोनों पक्षों ने मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने के लिए…
दोनों पक्षों के बीच मतभेदों पर शू फेइहोंग ने कहा कि चीन और भारत, दो प्राचीन सभ्यताओं के तौर पर, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने के लिए काफी राजनीतिक और ऐतिहासिक समझ रखते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बीजिंग द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों के लिए दोहरे रास्ते वाले नजरिए पर कायम है। इसमें सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखते हुए दोनों पक्ष एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।
जिनपिंग-पीएम मोदी की मीटिंग का भी जिक्र
चीनी राजदूत ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई हालिया बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच चीन-भारत संबंधों को मजबूत और स्थिर रास्ते पर आगे बढ़ाने को लेकर एक अहम सहमति बनी है। शू फेइहोंग ने कहा कि हम इस सहमति को और मजूबत बनाने और दोनों देशों के लोगों को ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए भारत के साथ मिलकर कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन और भारत को मिलकर ऐतिहासिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और ‘ग्लोबल साउथ’ के साझा हितों की रक्षा करनी चाहिए।



