Spread the love

भोपाल। ईरान और इज़राइल के बीच हुए भयंकर युद्ध के चलते पिछले दिनों एलपीजी गैस सिलिंडरों की किल्लत हो गई थी। इसी बीच गैस एजेंसी संचालकों व कर्मचारियों ने सिलिंडरों की कालाबाजारी कर आर्थिक मुनाफा कमाया है। इसी बीच शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने विभिन्न गैस एजेंसियों पर छापामार कार्रवाई कर सिलिंडरों की गड़बड़ियां पकड़ी थीं, लेकिन अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है।

सिलिंडर की गड़बड़ी के मामलों में हालात यह है कि फिनिक्स एचपी गैस एजेंसी पर पूरा सिस्टम मेहरबान बना हुआ है। तत्कालीन एडीएम सुमित पांडे के कोर्ट ने एजेंसी संचालक को 29 अप्रैल तक अपना जवाब पेश करने का नोटिस दिया था, लेकिन अब तक खाद्य विभाग के रिटायर एएसओ बीपी शर्मा ने एडीएम कोर्ट में जवाब पेश नहीं किया है।

दोहरी कार्रवाई पर भी सवाल

इधर जिला प्रशासन की दोहरी कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल पिछले दिनों एक युवक द्वारा एक सिलिंडर की कालाबाजारी करने पर खाद्य विभाग ने उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी थी, जबकि 418 सिलेंडरों की कालाबाजारी करने के बाद भी संचालक पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। एडीएम प्रकाश नायक का कहना है कि फाइल देखने के बाद जवाब मांगा जाएगा।

संचालक ने कहां बेचे उपभोक्ताओं के सिलिंडर, नहीं पता

गैस कंपनियों ने 35 दिन में सिलिंडर बुक करने और आठ से दस दिन में डिलीवरी देने का प्रविधान कर दिया। इसी का फायदा उठाकर फिनिक्स गैस एजेंसी संचालक ने 418 सिलेंडरों की कालाबाजारी कर दी। मामले का खुलासा होने के बाद एचपीसीएल कंपनी ने एजेंसी सस्पेंड कर दी थी, हालांकि करीब साढ़े पांच लाख रुपये का जुर्माना वसूलकर बहाल कर दिया गया है। जबकि जिला प्रशासन आम लोगों के साथ की गई ठगी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

23 दिन गुजर जाने के बाद भी खाद्य विभाग यह पता नहीं लगा पाया है कि जिन उपभोक्ताओं के डिलीवरी मैसेज आए थे, एजेंसी संचालक ने उनके सिलिंडर कहां बेचे हैं।

खाद्य विभाग ने इनमें दर्ज करवाई एफआईआर

जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि अप्रैल में राजू मेवाड़ा निवासी बैरागढ़ चीचली को अवैध रूप से घरेलू गैस की रिफिलिंग, सलमान खान निवासी जहांगीराबाद को घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने और श्याम सिंह को सिलिंडरों के अवैध परिवहन करने पर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।