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मध्य प्रदेश के 5 बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यह नियम पहले से है, लेकिन अब इसमें सख्ती बरती जा रही है।

4 साल की उम्र से बड़े पिलियन राइडर (दोपहिया वाहन चालक के पीछे बैठने वाले) के हेलमेट न पहनने पर 300 रुपए का चालान बनता है। इस अभियान के दूसरे दिन गुरुवार को भोपाल में ट्रैफिक पुलिस 18 पॉइंट्स पर चालानी कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान अलग-अलग नजारे सामने आए।

एक-एक चलित टीम भी हर जोन में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करेगी। पुलिस की कोशिश है कि सभी चालान पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से बनाए जाएं। जो लोग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं करते उन्हें भी चालान की रसीद पीओएस से ही दी जाएगी।

बता दें कि भोपाल की ट्रैफिक पुलिस हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई करती है। हेलमेट न लगाने पर 250 रुपए का समन शुल्क वसूला जाता है। आईटीएमएस के जरिए हर महीने तकरीबन 5 हजार चालान बनाए जाते हैं, जबकि चेकिंग पॉइंट से 3 हजार। यानी बगैर हेलमेट वाहन चलाने वाले 8 हजार लोग हर महीने करीब 20 लाख रुपए समन शुल्क भर देते हैं।

ट्रैफिक पुलिस के पास है 70 पीओएस मशीनें

भोपाल पुलिस के पास करीब 70 पीओएस मशीनें हैं। डीसीपी ट्रैफिक जितेंद्र पवार ने लोगों से अपील की है कि यह अभियान सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को कम करने के लिए चलाया जा रहा है। इसलिए वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

करीब एक पखवाड़े से चौराहों-तिराहों पर लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के अलावा ट्रैफिक नियमों का पालन करने की समझाइश दी जाती रही है। स्कूल-कॉलेजों में जाकर युवाओं को भी जागरूक किया गया, क्योंकि सड़क हादसों में एक बड़ा आंकड़ा युवाओं का ही है।

सख्ती के पहले दिन दिखे अजब-गजब बहाने

इस अभियान के पहले दिन गुरुवार को भोपाल में ट्रैफिक पुलिस 20 पॉइंट्स पर चालानी कार्रवाई की गई । इस दौरान अलग-अलग नजारे सामने आए। किसी ने कहा कि पुलिसकर्मी सामने से गुजरा, तब चालान क्यों नहीं किया? किसी ने कहा- बच्ची एडमिट है। जल्दी में हेलमेट भूल गया।

टीटी नगर में एक शख्स ट्रैफिक पुलिस के हाथ जोड़ते नजर आया। वहीं कुछ बाइक सवार चेकिंग देखकर पहले बाइक घुमाकर भाग निकले। लालघाटी चौराहे पर दोपहिया सवारों और पुलिस कर्मियों के बीच जमकर बहस भी हुई।