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हालिया रिलीज फिल्म ‘पेद्दी’ में महिलाओं को जिस तरह से दिखाया गया है उसे लेकरर चल रही बहस के बीच, दिग्गज एक्ट्रेस मधु ने गुजरे दिनों की बात की है। ‘फूल और कांटे’ एक्ट्रेस ने ये खुलकर स्वीकार किया है कि उनकी 1991 की ब्लॉकबस्टर इस फिल्म में छेड़छाड़ जैसी चीजों को महिमामंडित किया गया था। उन्होंने यह भी माना कि अगर आज के समय में इस तरह के फैक्ट्स पर बेस्ड फिल्में रिलीज हों तो सामाजिक और कानूनी तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

फिल्मों में महिलाओं को किस तरह दिखाया जाता है, यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में साउथ सिनेमा के दिग्गज एक्टर राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी‘ में जान्हवी कपूर को जिस तरह दिखाया गया, उसे लेकर अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इसी बहस के बीच 90 के दशक की फेमल एक्ट्रेस मधु ने फिल्मों में महिलाओं की प्रस्तुति और बदलते समय को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है।

‘फूल और कांटे में जो दिखाया गया था, उसे उस समय लोगों ने रोमांस माना’

उन्होंने IANS को दिए हालिया इंटरव्यू में कहा कि सिनेमा हमेशा समाज का आईना होता है और समाज के बदलने के साथ फिल्मों को भी बदलना पड़ता है। इस खास बातचीत में मधु ने कहा, ‘आज जिन चीजों को गलत माना जाता है, कभी वही चीजें फिल्मों में सामान्य और रोमांटिक मानी जाती थीं। मेरी सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे में जो दिखाया गया था, उसे उस समय लोगों ने प्यार और रोमांस माना था लेकिन आज के दौर में वही व्यवहार छेड़छाड़ और उत्पीड़न माना जाएगा।’

‘यह सवाल केवल फिल्मों का नहीं, बल्कि समाज की सोच का भी’

मधु से जब पूछा गया कि क्या आज की फिल्मों में महिलाओं को महज एक वस्तु के तौर पर दिखाया जाता है? तो उन्होंने कहा, ‘यह सवाल केवल फिल्मों का नहीं, बल्कि समाज की सोच का भी है। फिल्मों की कहानियां और किरदार उसी तरह बदलते हैं जैसे लोगों की सोच बदलती है। अगर समाज किसी चीज को स्वीकार नहीं करता तो धीरे-धीरे वह फिल्मों से भी गायब होने लगती है।’

कहा- तब ऐसे सीन को लेकर ज्यादा सवाल नहीं उठाए जाते थे

एक्ट्रेस ने कहा, ’80 और 90 के दशक की फिल्मों में रेप सीन बहुत आम बात हुआ करते थे। लगभग हर दूसरी फिल्म में ऐसे सीन देखने को मिल जाते थे। उस दौर में ऐसे सीन को लेकर ज्यादा सवाल नहीं उठाए जाते थे और न ही दर्शकों के बीच कोई बड़ी बहस होती थी लेकिन आज का समय पूरी तरह बदल चुका है। अब ऐसे सीन को पहले की तरह स्वीकार नहीं किया जाता।’

‘अब बहुत सावधानी के साथ पेश किया जाता है’

उन्होंने कहा, ‘आज अगर किसी फिल्म में ऐसी घटना दिखाई भी जाती है तो उसे बहुत सावधानी के साथ पेश किया जाता है। अब फिल्ममेकर इस बात का ध्यान रखते हैं कि किसी गंभीर विषय को दिखाते समय गलत संदेश न जाए।’

‘अगर आज ऐसा कुछ होता तो वह लड़का जेल में होता’

मधु ने अपनी फिल्म ‘फूल और कांटे’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘फिल्म के शुरुआती गानों में हीरो और उसके दोस्त कॉलेज में लड़की का पीछा करते हैं, उसे परेशान करते हैं और सीटियां बजाते हैं। उस समय इन सीन को रोमांस का हिस्सा माना गया था, लेकिन अगर आज ऐसा कुछ होता तो वह लड़का जेल में होता।’ उन्होंने कहा, ‘फिल्म में मेरा किरदार आखिरकार उसी लड़के से प्यार करने लगता है, जो उसे लगातार परेशान करता है। उस दौर में इसे लव स्टोरी माना गया लेकिन आज अगर कोई लड़का कॉलेज या किसी पब्लिक प्लेस पर किसी लड़की के साथ ऐसा व्यवहार करे तो उसे गलत माना जाएगा। अगर कोई लड़का आज कॉलेज और कैंपस में आपका पीछा करे और ये सब करे, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज के लोग इसे छेड़छाड़ कहेंगे और उसे जेल में डाल देंगे।’

मधु बोलीं- मैं भी ऐसे ही एक सीन में शामिल थी

उन्होंने अपनी बात समझाते हुए आगे कहा, ‘दरअसल, रणजीत सर को रेप स्पेशलिस्ट कहा जाता था। ऐसे सीन में खींचना, स्ट्रगल करना और हमला करना दिखाया जाता था। मैं भी ऐसे ही एक सीन का हिस्सा थी। आजकल फिल्मों में ऐसे सीन शायद ही कभी दिखाए जाते हैं और अगर दिखाए भी जाते हैं तो उन्हें बहुत ही मामूली तरीके से पेश किया जाता है।’

‘किसी ने यह नहीं कहा कि फिल्म छेड़छाड़ को बढ़ावा दे रही है’

मधु ने कहा, ‘उस समय किसी ने यह नहीं कहा कि फिल्म छेड़छाड़ को बढ़ावा दे रही है, उल्टा दर्शकों ने फिल्म को खूब प्यार दिया और यह बड़ी हिट फिल्म बन गई लेकिन आज का दर्शक पहले से ज्यादा जागरूक है और वह ऐसी चीजों पर सवाल उठाता है।’मधु ने अपने बयान में कहा, ‘सिनेमा हमेशा समाज की सोच को दिखाता है। जैसे-जैसे समाज बदलता है, वैसे-वैसे फिल्मों की कहानियां, किरदार और उन्हें दिखाने का तरीका भी बदलता है। आज लोगों के बीच महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अधिक जागरूकता है, इसलिए फिल्मों को भी उसी सोच के साथ आगे बढ़ना होगा।’

‘पेद्दी’ को लेकर क्या है विवाद

बता दें कि फिल्म ‘पेद्दी’ की रिलीज के साथ ही इसे लेकर चर्चा होने लगी कि जाह्नवी के किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड दिखाया गया है। दर्शकों के विरोध के बाद फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने कन्फर्म किया कि फिल्म से सभी विवादित सीन हटा दिए गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने माना कि फिल्म के कुछ सीन मिसलीडिंग थे। उन्होंने कहा, ‘कई लोगों ने जाह्नवी कपूर के ट्रैक को गलत समझा। इस फिल्म में मुख्य किरदार एक बहुत ही पिछड़े पहाड़ी इलाके से आता है। मैं उसके किरदार के सीधेपन और वहां के माहौल को दिखाना चाहता था। वह जिस लड़की से प्यार करता है, उससे शादी करना चाहता है। इस प्रक्रिया में कुछ सीन गलत संदेश दे रहे थे। हमने अपनी गलती सुधारते हुए उन सीन को फिल्म से हटा दिया है।’ दरअसल सोशल मीडिया पर कुछ चैट्स तेजी से वायरल हुए जिनमें दावा किया गया कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म की शूटिंग के दौरान ही अपने कुछ सीन्स को लेकर असहजता जाहिर की थी। इस चैट में नजर आया कि जाह्नवी कपूर ने कथित तौर पर लिखा था कि उन्होंने फिल्म की टीम से कुछ विशेष कैमरा एंगल्स का इस्तेमाल न करने का अनुरोध किया था।