Spread the love

भोपाल। प्रदेश के नगर निगमों और नगर पालिकाओं में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। जुलाई 2026 में सीएम हेल्पलाइन पर नगरीय निकायों से संबंधित 51,610 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 44,126 शिकायतों का निराकरण ग्रेडिंग अवधि तक नहीं हो सका, जबकि 10,136 शिकायतें 50 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। प्रदेश का औसत स्कोर 54.54 रहा, जिसके आधार पर समग्र प्रदर्शन को "डी" रेटिंग मिली है।

सीएम हेल्पलाइन में पहुंची शिकायतों की बात करें तो इस मामले में भोपाल प्रदेश में पहले स्थान पर है। राजधानी में सबसे अधिक 6,469 शिकायतें दर्ज हुईं, जो प्रदेशभर में प्राप्त शिकायतों में से 12.5 प्रतिशत रही, यानी प्रदेश की हर आठवीं शिकायत राजधानी से दर्ज हुई। भोपाल में 3,170 शिकायतें ग्रेडिंग अवधि में लंबित रहीं, जबकि 916 शिकायतें 50 दिन से अधिक समय से लंबित हैं। कुल 4,086 शिकायतों का निराकरण अभी बाकी है।

यह स्थिति बताती है कि शहर में सफाई, सड़क, सीवेज, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़े मामलों में लोगों को अब भी शिकायतें दर्ज कराने की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा ग्वालियर में 5,009, इंदौर में 4,699, जबलपुर में 3,829 और उज्जैन में 1,906 शिकायतें दर्ज हुईं।

शिकायत निवारण के प्रदर्शन के आधार पर भोपाल को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। इससे मालम होता है कि शहर में मूलभूत सुविधाओं को लेकर लोगों में असंतुष्टि है। इनमें ज्यादातर शिकायतें साफ-सफाई और सीवेज व्यवस्था को लेकर आईं हैं।