भोपाल। राजधानी सहित पूरे प्रदेश में इस बार किसानों की फसलों की जांच पहली बार सैटेलाइट के जरिए की जा रही है। लेकिन इस नई तकनीक ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। सैटेलाइट तस्वीरों में गड़बड़ी की वजह से कई किसानों के खेतों में या तो फसल कम दिखाई दे रही है या फिर खेत खाली नजर आ रहे हैं।
इतना ही नहीं जब किसान अपना गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करने जाते हैं, तो उनके पास री-वेरिफिकेशन का मैसेज आ जाता है। अकेले भोपाल जिले में ऐसे करीब 3200 किसान सामने आए हैं, जिनकी फसल के रकबे में गड़बड़ी मिली है।
आलम यह है कि मुगालिया हाट के किसान परमानंद भाटी के पास 25 क्विंटल गेहूं हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में केवल तीन क्विंटल बेचने का ही स्लॉट खुल रहा है। ऐसी ही शिकायतों को लेकर किसान कलेक्टोरेट के चक्कर काट रहे हैं।
प्रशासन सुधार रहा है गलती
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने माना कि सैटेलाइट रिपोर्ट में कमियां हैं। उन्होंने बताया कि अब तक करीब तीन हजार किसानों के रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन कर लिया गया है।



