नई दिल्ली: दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR के दौरान कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। पुरानी दिल्ली के 125 साल के वोटर श्याम मुखिजा का नाम भी उन मतदाताओं की सूची में है, जिन्हें डेटा में गड़बड़ी को लेकर नोटिस जारी किया गया है। सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र के मतदाता मुखिजा के नाम में ‘मिसमैच’ दर्ज किया गया है।
33 लाख से ज्यादा वोटरों को नोटिस
SIR के तहत दिल्ली के करीब 97.5 लाख मतदाताओं की ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई है। इनमें 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इनमें करीब 14 लाख मामले ऐसे हैं, जहां मौजूदा जानकारी को 2002 की पिछली SIR सूची से जोड़ा नहीं जा सका, जबकि बाकी मामलों में फॉर्म में अलग-अलग तरह की विसंगतियां मिली हैं।
नाम में अंतर से लेकर उम्र से जुड़ी गड़बड़ी
नोटिस जारी होने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। इनमें मौजूदा और पुरानी वोटर लिस्ट में नाम का मेल न होना, माता-पिता और वोटर की उम्र में असामान्य अंतर और दूसरे डेटा संबंधी अंतर शामिल हैं। यानी नोटिस मिलना अपने आप में वोटर का नाम काटे जाने का मतलब नहीं है। संबंधित मतदाता को अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा करने का मौका दिया गया है।
कई बड़े नाम भी नोटिस पाने वालों में
SIR की नोटिस सूची में सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई चर्चित नाम भी शामिल हैं। पूर्व उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक हस्तियां भी इस प्रक्रिया में नोटिस पाने वालों में बताई गई हैं।
नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं
चुनाव प्रक्रिया में नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाता है। दिल्ली के SIR में दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाता अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अंतिम वोटर लिस्ट 4 नवंबर को जारी की जानी है।
SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट से बाहर
दिल्ली में SIR शुरू होने के समय करीब 1.45 करोड़ मतदाता सूची में थे। ड्राफ्ट रोल में करीब 97.5 लाख मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज हुए, जबकि करीब 47.7 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या अन्य कारणों से ‘अनकलेक्टिबल’ माने गए मतदाता शामिल हैं। यानी 125 साल के वोटर को मिला नोटिस भी SIR में सामने आई डेटा विसंगतियों का एक उदाहरण है। अंतिम सूची जारी होने से पहले संबंधित मतदाताओं को अपनी जानकारी और पात्रता स्पष्ट करने का अवसर दिया जा रहा है।



