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भोपाल। रेलवे विकास को लेकर लगातार नई योजनाओं और आधुनिक सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन भोपाल रेल मंडल की तस्वीर इन दावों से अलग नजर आती है। करोड़ों रुपये की लागत से शुरू किए गए कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तय समय सीमा पार करने के बावजूद अधूरे हैं।अमृत भारत स्टेशन योजना की रफ्तार धीमी है, तो कहीं वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन में अधूरी पिट लाइन बाधा बनी हुई है। नया रेलवे कंट्रोल रूम तैयार होने के बावजूद शुरू नहीं हो पाया है, जबकि आधुनिक मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर उद्घाटन का इंतजार कर रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना: 15 में सिर्फ दो स्टेशन पूरे

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भोपाल रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी और इसे मई 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, निर्धारित समय बीतने के बाद भी अब तक केवल नर्मदापुरम और शाजापुर रेलवे स्टेशन का ही कार्य पूरा हो पाया है।

करीब 291.43 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना की नई समय-सीमा अब मार्च 2026 तय की गई है। योजना के तहत स्टेशनों पर वातानुकूलित लॉबी, कवर पार्किंग, बेहतर पेयजल व्यवस्था, नए कार्यालय और व्यावसायिक दुकानें विकसित की जा रही हैं।

निर्माण कार्य में देरी का सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। प्रगति की बात करें तो हरदा स्टेशन पर केवल 60 प्रतिशत कार्य, सांची स्टेशन पर 90 प्रतिशत तथा गंजबासौदा स्टेशन पर 85 प्रतिशत निर्माण पूरा हुआ है।

रानी कमलापति स्टेशन: अधूरी पिट लाइन से अटकी नई वंदे भारत

रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर बन रही नई पिट लाइन भी तय समय से काफी पीछे चल रही है। इसी वजह से यहां से नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत फिलहाल संभव नहीं हो सकी है।

इस परियोजना की शुरुआत मई 2023 में हुई थी और इसे छह महीने में पूरा किया जाना था। लेकिन दो वर्ष बाद भी करीब 90 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार की धीमी कार्यशैली और निर्माण स्थल पर मजदूरों की कमी से काम प्रभावित हुआ है।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक मौजूदा पिट लाइन को आधुनिक कैमटेक डिजाइन के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेनों की धुलाई और तकनीकी जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सके। शुरुआत में इस परियोजना की लागत सात करोड़ रुपये आंकी गई थी, जो अब बढ़कर करीब 14 करोड़ रुपये हो गई है। वर्तमान में स्टेशन यार्ड में तीन पिट लाइन संचालित हैं, जबकि लगभग 700 मीटर लंबी चौथी पिट लाइन का निर्माण अभी जारी है।

ट्रेनिंग सेंटर तैयार, लेकिन उद्घाटन का इंतजार

निशातपुरा रेलवे क्षेत्र में लगभग 23.21 करोड़ रुपये की लागत से बना मल्टी-डिसिप्लिनरी ट्रेनिंग सेंटर पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

इसे मार्च 2025 में चालू किया जाना था, लेकिन उद्घाटन की तारीख तय नहीं होने के कारण यह अब भी बंद पड़ा है। लंबे समय से उपयोग नहीं होने के कारण भवन और कमरों में धूल जमने लगी है।

इस आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र में तकनीकी, सिग्नल, दूरसंचार, इंजीनियरिंग, लेखा, कार्मिक और भंडार विभागों के कर्मचारियों को एक ही परिसर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां वंदे भारत लोको सिमुलेटर, 80 बेड का हॉस्टल, कैंटीन, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, सभागार और चिकित्सा कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उपयोगकर्ता समिति भी उद्घाटन में हो रही देरी पर सवाल उठा चुकी है।