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शहर का सबसे बड़ा जलभराव केंद्र बना अल्पना टॉकीज तिराहा नाले में सोमवार को ड्रिलिंग शुरू हुई। इस दौरान नाले से बड़ी मात्रा में थर्माकोल और प्लास्टिक की बॉटल निकलीं। सिल्ट भी ड्रिल में परेशानी खड़ी कर रही थी। नाले के 60% हिस्से में सिल्ट जमा है। आसपास की कनेक्टिंग नाली भी चौक होने के कारण जलभराव होने लगा।

पीएचई से रिटायर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आर.बी. राय का कहना है कि अल्पना टॉकीज तिराहा के नाले समेत शहर भर के सभी नालों की सफाई 15 जून के पहले हो जानी चाहिए थी। पहले मैन्युअली काम होता था, तब भी समय पर हो जाता था। अब तो बड़ी-बड़ी मशीनें हैं, इसके बाद भी जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है। शहर के बीच में इस तरह की स्थिति बनना दिखाता है कि नगर निगम का मैनेजमेंट पूरी तरह से फेल है। अगर प्लानिंग और सही मॉनीटरिंग के साथ काम किया होता, तो बारिश में इस तरह के हालात नहीं बनते।

रेलवे ने सफाई नहीं की

रेलवे को नाले की सफाई के लिए पत्र लिखा था, पर उन्होंने सफाई नहीं की। हमने सोमवार को ड्रिल मशीन से नाले की सफाई शुरू की है। थर्माकोल और बॉटल निकाले हैं। अब पानी निकलने लगा है। 

-देवेंद्र सिंह चौहान, अपर आयुक्त