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भोपाल : मानसून (Monsoon 2025) भले ही छह दिन से मुंबई के पास ठिठका हुआ है, लेकिन मध्य प्रदेश में अलग-अलग शहरों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से रुक-रुककर बारिश हो रही है। इसी क्रम में गुरुवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रायसेन में 24, उज्जैन में सात मिलीमीटर वर्षा हुई। भोपाल में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ीं। सबसे अधिक 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में आगे कैसा रहेगा मौसम

शुक्रवार को भी भोपाल, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में वर्षा होने की संभावना है। हालांकि अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी।

  • मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी वीएस यादव ने बताया कि वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, बालुरघाट से होकर ही गुजर रही है।
  • एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर प्रदेश के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। मध्य पाकिस्तान एवं उससे लगे हुए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है।
  • एमपी में इसलिए हो रही बारिश

    दक्षिणी हरियाणा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना है। दक्षिणी छत्तीसगढ़ से ओडिशा, झारखंड, दक्षिणी बिहार, पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के असर से रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि छिटपुट वर्षा का दौर भले ही बना रहेगा, लेकिन अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। अगले पांच दिन में तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

  • ग्वालियर: दोपहर बाद निकली धूप तो बढ़ गया तापमान

    ग्वालियर अंचल में गुरुवार सुबह बादल रहे तो मौसम भी ठंडा रहा। एक बार तो ऐसा लगा कि बारिश भी होगी। लेकिन दोपहर होते होते मौसम का मिजाज बदल गया और बादल गायब हो गए और धूप निकल आई। इसके बाद तापमान के साथ गर्मी भी बढ़ने लगी। पिछले दो दिन में अंचल में गर्मी के तेवर नरम रहे हैं। लेकिन तापमान में जरूर रोजाना बढ़त हो रही है।