नई दिल्ली: अमेरिकी-ईरान के बीच शांति समझौता होने से भारत को भी बड़ी राहत मिलेगी। इस समझौते के बाद मुख्य ईधन मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी खुल जाएगा। पिछले तीन महीनों से अधिक समय से फारस की खाड़ी में फंसा भारत का एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) टैंकर अब होर्मुज की ओर बढ़ता दिख रहा है। इस टैंकर का नाम दिशा (Disha) है। डील के बाद होर्मुज खुलने से यहां से गुजरने वाला यह पहला टैंकर होगा।
शिपिंग कंपनियों के मालिक इस खबर का आकलन कर रहे हैं और समझौते की बारीकियों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। इस समझौते की पूरी डिटेल आने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। यही वजह है कि सोमवार के शुरुआती घंटों में इस समुद्री कॉरिडोर के आसपास जहाजों की आवाजाही न के बराबर देखी गई। हालांकि, भारतीय टैंकर ‘दिशा’ ने इस दिशा में पहला कदम बढ़ाया है
अभी कहां है यह टैंकर?
ब्लूमबर्ग की ओर से जुटाए गए शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, भारत की एक सरकारी आयातक कंपनी द्वारा लॉन्ग-टर्म लीज पर लिया गया यह LNG जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उत्तर में है और ओमान के करीब पहुंच रहा है। डेटा के मुताबिक, इस टैंकर ने 1 मार्च के आसपास कतर की रास लफ्फान (Ras Laffan) फैसिलिटी से गैस की खेप लोड की थी।
वैश्विक बाजार के लिए बड़ी राहत
इस रणनीतिक कॉरिडोर से रुकावट हटाने और दोनों तरफ से लगी नाकेबंदी (blockades) को खत्म करने का यह समझौता आयातकों और वैश्विक बाजार के लिए एक बड़ी राहत है। हालांकि, जमीन पर इसे लागू करने में कई मुश्किलें आ सकती हैं, क्योंकि इस जलमार्ग पर ईरान का मजबूत नियंत्रण उसे एक बड़ा फायदा देता है।



