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भोपाल के कोलार की राजहर्ष कॉलोनी में गुरुवार की शाम 10 साल की बच्ची की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हादसे के समय वह झांकी के सामने दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी अचानक बाईं तरफ कंधे के पास उसके गले के पास छर्रा लग गया। वह गश खाकर गिर गई। कंधा लहूलुहान हो चुका था।

फुल पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर तफ्तीश शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, शशि हाइटेक सिटी, राजहर्ष कोलार निवासी सुनील रजक पानी सप्लाई करने का काम करता है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। उसकी 10 साल की बेटी रिया रजक स्कूली छात्रा थी। गुरुवार को रिया दूसरे बच्चों के साथ राजहर्ष कॉलोनी स्थित झांकी के पास खेल रही थी।

उसी दौरान अचानक वह गश खाकर गिर गई। लोगों ने देखा कि रिया के बाएं कंधे और गर्दन के बीच गहरा जख्म है और खून बह रहा है। फौरन बच्ची को जेके अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

सिटी स्कैन से नहीं हुआ खुलासा

एसआई जितेन्द्र केवट का कहना है कि डॉक्टर ने बच्ची का सिटी स्कैन कराया था लेकिन उसमें कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है। एफएसएल पार्टी के डॉक्टर का भी कहना है कि पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के कारण साफ हो सकेंगे।

घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई वस्तु ऊपर की ओर से आकर बच्ची के कंधे पर लगी है। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। शुक्रवार को बच्ची का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

पुलिस को गोली से मौत की आशंका

परिजन को शक है कि ये छर्रा एयरगन से चला है। रिया के ताऊ राम रतन सिंह ने बताया कि पुलिस को कॉलोनी के पास दो मरे हुए कबूतर भी मिले हैं। शायद किसी ने कबूतर मारने के लिए एयरगन से गोली चलाई होगी। हालांकि किसी को गोली चलने की आवाज नहीं सुनाई दी।

2009 में भी ऐसा ही मामला आया था सामने

31 मार्च 2009 को देना बैंक के एजीएम एस. सुंदरराजन की भी इसी तरह गोली लगने से मौत हुई थी। वे कार में बैठ रहे थे तभी किसी ने पीठ में गोली मार दी। लेकिन अब तक नहीं पता चल सका कि गोली किसने और क्यों चलाई थी?