Spread the love

भोपाल। मानसून सीजन शुरू होने के 100 दिन से ज्यादा बीतने के बाद भी प्रदेश में वर्षा सामान्य से पीछे है। हालांकि विंध्य-बुंदेलखंड में मानसून मेहरबान रहा, लेकिन मालवा-निमाड़ में सूखे जैसे हालात नजर आ रहे हैं। मौसम केंद्र के 1 जून से 9 सितंबर तक के आंकड़ों बताते हैं कि प्रदेश में अब तक 794.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 856 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सात प्रतिशत कम वर्षा हुई है।

मौसम विज्ञानी एचएस पांडे ने बताया कि प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में वर्षा सामान्य से 13 प्रतिशत कम हुई। पश्चिमी हिस्से में अब तक 691.9 मिलीमीटर पानी बरसा है, जबकि सामान्य वर्षा 793.7 मिलीमीटर है। इसके उलट प्रदेश के पूर्वी इलाकों की स्थिति लगभग सामान्य है।यहां 927.1 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य 937 मिलीमीटर से सिर्फ 1 प्रतिशत कम है। प्रदेश के चार बड़े शहरों में बरसात की स्थित देखें तो भोपाल और ग्वालियर में कोटे से अधिक पानी गिरा है। इंदौर और जबलपुर में कोटे से कम बरसात हुई है।

सबसे ज्यादा वर्षा वाले जिले

निवाड़ी — 62 प्रतिशत अधिक

मऊगंज — 58 प्रतिशत अधिक

सतना — 47 प्रतिशत अधिक

सिंगरौली — 31 प्रतिशत अधिक

शिवपुरी — 27 प्रतिशत अधिक

सबसे कम वर्षा वाले जिले

अलीराजपुर — 55 प्रतिशत कम

धार — 42 प्रतिशत कम

रतलाम — 38 प्रतिशत कम

झाबुआ — 37 प्रतिशत कम

नर्मदापुरम — 35 प्रतिशत कम

शहर — वास्तविक वर्षा — सामान्य वर्षा — स्थिति

भोपाल — 974 मिलीमीटर — 865.6 मिलीमीटर — सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक

ग्वालियर — 713.2 मिलीमीटर — 640.2 मिलीमीटर — सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक

जबलपुर — 847.1 मिलीमीटर — 1027.5 मिलीमीटर — सामान्य से 18 प्रतिशत कम

इंदौर — 566.4 मिलीमीटर — 775.4 मिलीमीटर — सामान्य से 27 प्रतिशत कम.